पाकिस्तान में भी 'गुड़ियाकांड', इस एंकर ने हुकूमत को पानी-पानी कर दिया

  • 11 Jan 2018
  • Reporter: समाचार फर्स्ट डेस्क

पाकिस्तान का कसूर शहर शिमला के कोटखाई की तरह बन गया है। यहां भी गुड़िया की तरह एक मासूम बच्ची का रेप के बाद हत्या करने की बात सामने आई है। अब कसूर शहर की जनता सड़कों पर है और विरोध तथा धरना-प्रदर्शन जोर पकड़ रहा है। इसी शहर में सूफी संत बुल्ले शाह की मजार भी है, लेकिन यह शहर हैवानियत से दाग़दार हो चुका है। प्रदर्शनकारियों पर काबू करने के लिए गोलियां चल गई हैं, जिसमें 2 लोग मारे भी जा चुके हैं। ऐसे में वहां कि सिविल सोसायटी और मीडिया मासूम जैनब के इंसाफ की लड़ाई लड़ रही है। 

7 साल की जैनब के माता-पिता अरब में उमराह के लिए गए हुए थे। बच्ची अपने मौसी के यहां थी और 4 जनवरी को मदरसे के लिए निकली मगर वापस नहीं आई। 5 तारीख को थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। जब पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाला तब एक शख्स मासूम जैनब को अपने साथ ले जाते हुए दिखाई दिया। 9 तारीख को मासूम की लाश कूड़ेदान से बरामद की गई। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि बच्ची की रेप के बाद हत्या कर दी गई थी।

अब इस घटना से कसूर समेत पूरे पाकिस्तान में रोष देखा जा रहा है। इसी के मद्देनज़र पाकिस्तान की न्यूज एंकर किरन नाज़ ने वो किया है, जिसकी चर्चा पूरी दुनिया में हो रही है। उन्होंने आवाम की संवेदना को झंकझोरने के लिए अपनी एंकरिंग अपनी बेटी के साथ की। उनकी इस पहल से दुनिया भर में जैनब को लेकर इंसाफ की मांग तेज हो चुकी है।

तस्वीरों में आप देखे सकते हैं कि टीवी स्क्रीन पर किरन नाज़ अपनी बेटी को गोद में बिठाए हुए हैंऔर गोद में ही बिठाकर एंकरिंग कर रही हैं। उन्होंने अपने प्रोग्राम की शुरुआत की – “मैं हूं आपकी मेज़बान किरन नाज़। लेकिन आज मैं किरन नाज़ नहीं हूं, मैं एक मां हूं। इसीलिए अपनी बच्ची के साथ बैठी हूं। इस मुल्क में दर्जनों सानहे होते हैं। एक ही झटके में दर्जनों लोगों का शहीद हो जाना कोई गैर-मामूली बात नहीं है। कौन मारता है, क्यूं मारता है, इस सवाल का जवाब भी कभी नहीं मिलता। मगर किसी ने ठीक ही कहा है, जनाज़ा जितना छोटा होता है न, उतना ही भारी होता है। और ऐसा ही नन्हा सा जनाज़ा आज कुसूर की सडकों पर रखा है और पूरा पाकिस्तान इसके बोझ तले दबा हुआ है। अजब कहानी है इस मज़लूम और लाचार बच्ची की। उधर मां-बाप अरब में बैठे ज़िन्दगी की दुआ कर रहे थे, इधर कसूर में कोई दरिंदा उसी ज़ैनब की ज़िन्दगी की डोर काट रहा था। उधर मां-बाप अपनी लाडली के लिए खिलौने खरीद रहे थे, तो ऐन उसी वक्त कोई वहशी उस गरीब की लाश कचरे में फेंक रहा था.”

किरन नाज़ ने जब से इस अंदाज में ज़ैनब का मामला उठाया है, तब से दुनिया भर से मासूम को न्याय दिलाने की मांग उठ रही है। हिंदुस्तान-पाकिस्तान के दरम्यान चलने वाली दुश्मनी भी सोशल मीडिया पर थम गई है। हिंदुस्तान से भी लोग इस घटना पर भारी संख्या में अफसोस जता रहे हैं।

मामले में अभी तक पाकिस्तान की पुलिस ने उस हैवान को गिरफ्तार नहीं किया है। पुलिस के मुताबिक हैवानों की तलाश जारी है। हालांकि, कसूर की जनता ज्यादा सतर्क है और पुलिस पर लगातार दबाव बना रही है कि वो असली मुजरिम को पकड़े। ना कि खानापूर्ति के लिए किसी बेगुनाह को ही हवालात में डाल दे।

भले ही यह घटना पड़ोसी मुल्क की है। लेकिन, हिंदुस्तान में भी हैवानों की कमी नहीं है, इंसानियत को तार-तार करने वाले दरिंदे इधर भी हैं और उधर भी। इधर भी गुड़िया को न्याय दिलाने की मांग महिनों से उठ रही है, वहां भी जैनब को इंसाफ दिलाने की आवाज़ जोर पकड़ रही है।