सुप्रीम कोर्ट के 3 न्यायधीशों की बेंच ने सुनाया फैसला, एचपीसीए मामले में दायर एफआईआर रद्द

  • 06 Dec 2018
  • Reporter: नवनीत बत्ता, हमीरपुर

गुरूवार को एचपीसीए मामले में दायर एक और एफ़आईआर को उच्चतम न्यायालय ने रद्द कर दिया है। पूर्व सीएम ने इसे कांग्रेस की बदले की भावना से काम करने का प्रमाण बताया है। हालांकि कुछ दिनों पहले ही उच्चतम न्यायालय के 3 न्यायधीशों की बेंच ने एक निर्णय देकर विभिन्न एफआईआर को निरस्त कर दिया था। लेकिन कांग्रेस के वकील फिर भी नहीं माने और कहा कि निर्णय गलत हो गया है।

धूमल ने कहा कि आज फिर 3 न्यायधीशों के बेंच ने वो एफ़आईआर निरस्त कर दी है। साथ ही यह भी कहा कि हमारे खिलाफ़ जो लगभग 7-8 एफ़आईआर कांग्रेस की सत्ता के दौरान दायर की गयीं थीं वो उच्चतम न्यायालय में जाकर रदद् हुई हैं।

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धूमल ने कहा कि वीरभद्र सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस की सरकार किस बदले की भावना से काम करती रही, यह उसका स्पष्ट प्रमाण है।

पूर्व सीएम ने कहा कि क्रिकेट स्टेडियम पर नजायज़ कब्ज़ा करने का प्रयास हो रहा था जबकि वह किसी व्यक्ति की सम्पत्ति नहीं है। वह प्रदेश की धरोहर है, प्रदेश के नौजवान बच्चों को खेलने के लिए प्रोत्साहित करती है। इसके बावजूद भी दोष हमारे ऊपर डालने की कोशिश की गई थी। आज उच्चतम न्यायालय ने सारा मामला स्पष्ट कर दिया है और वो बहुत सारे चेहरे बेनकाब हुए हैं जो घिनोना काम करते रहे।