एशियन गेम्स में पहली बार ताश को जगह मिली और अपनी इस जोड़ी ने झंडे गाड़ दिए

  • 02 Sep 2018
  • Reporter: डेस्क

खाली वक्त में अपने यहां दोस्त खूब ताश पीटते है। छगड़ी, लकड़ी, दहला पकड़, तीन दो पांच या फिर तीन पत्ती, आप किसी भी नाम से इसे जानते या खेलते हों, ये है बहुत पॉपुलर।  पेड़ के नीचे, पार्क में, ड्रॉइंग रूप में या फिर हॉस्टल में, ये अपने ये काफी पॉपुलर है।

मगर क्या आपको पता है कि ये खेल एशियन गेम्स में पहली बार शामिल किया गया है और इसमें इंडिया ने गोल्ड जीत लिया है। ताश का खेल पहली बार एशियन गेम्स का हिस्सा बना है और इंडिया की इस जोड़ी ने उसमें भी गोल्ड जीत लिया है। ये इंडिया का एशियन गेम्स में 14वां गोल्ड है।

ये जोड़ी है प्रणब बर्धन और शिवनाथ की जिन्होंने ताश के इस गेम में गोल्ड जीता है। 60 साल के प्रणव और 56 साल के शिवनाथ ने चीन की जोड़ी को 378 पॉइंट के मुकाबले 384 पॉइंट लेकर फाइनल में हराया है। ताश के इस खेल को ब्रिज कहा जाता है और इस गेम में इंडिया से मेडल के कई दावेदार भी थे।

खास बात ये कि प्रणव और शिवनाथ की जोड़ी के अलावा एक और भारतीय जोड़ी इस मुकाबले में थी जिसे 333 पॉइंट मिले और वो 5वें नंबर पर रही। ये जोड़ी है सुमित मुखर्जी और देवव्रत मजूमदर की जोड़ी।