कांग्रेस पार्टी का अतीत भ्रष्टाचार से भरा पड़ा : विपिन परमार

  • 15 Oct 2019
  • Reporter: मनोज धीमान

स्वास्थ्य मंत्री विपिन परमार ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा है कि कांग्रेस पार्टी खुद भ्रष्टाचार के दलदल में धंसी हुई है। कांग्रेस पार्टी का अतीत भ्रष्टाचार से भरा पड़ा है। जहां-जहां भी कांग्रेस की सरकारें रही वहां भ्रष्टाचार के नए आयाम स्थापित हुए। सत्ता से बाहर हो चुकी कांग्रेस की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि उसका कुनबा बिखरा हुआ है और कांग्रेस के हर नेता का अलग-अलग राग है।  परमार ने कहा कि धर्मशाला उपचुनाव में जनता बीजेपी के पक्ष में मतदान का मन बना चुकी है। जनता जानती है कि कांग्रेस के पास ना नीति है और ना ही सिद्धांत है। विधान सभा व लोकसभा चुनावों में हार से बुरी तरह से बौखलाई कांगेस सि उपचुनावों में भी जनता की आखों में धूल झौंकने का काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि धर्मशाला में होने वाली इन्वैस्टर मीट से जहां लोगों को कई आशाएं हैं। वहीं, कांग्रेस नेताओं के लिए यह परेशानी कारण बनी हुई है और इनवैसटर मीट को लेकर कांग्रेस के नेता घटिया ब्यानबाजी पर उतर आए हैं। मोदी सरकार ने हिमाचल के विकास के लिए करोड़ों की विकास परियोजनाएं व उदार व वित्तीय सहायता प्रदान की है जिसके बल पर प्रदेश बीजेपी की जयराम सरकार ने जनकल्याणकारी नीतियों व विकास को हर कौने में पहुंचाने का हर संभवप्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के बजुर्गो, महिलाओं ओर विद्यार्थियों को कई सौगातें जयराम सरकार द्वारा दी गई है। साथ ही सरकार के प्रयास सम्बन्धित विधायक की मांगों और आवश्यकताओं के अनुरूप क्षेत्र का विकास सुनिश्चित करने पर बलदिया है।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि महज एक साल की अवधि में केंद्र और हिमाचल की डबल इंजन वाली सरकार विभिन्न विभागों में 10,500 करोड़ रुपए की अतिरिक्त केन्द्रीय सहायता से प्रगति की तरफ तेजी से कदम बढ़ाए। सामाजिक सुरक्षा पेंशन में आयु सीमा को 80 वर्ष से घटाकर 70 वर्ष करने, जनमंच,हिम केयर जैसी योजनाओं से अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने के प्रयास किए गए हैं। पिछले विस चुनावों से ठीक पहले कांग्रेस सरकार ने आंखे बंद करके 16 डिग्री कालेजों की घोषणा कर दी थी तथाउनके लिए प्रति कालेज एक लाख रुपये का प्रवधान रख दिया,जबकि इतने पैसों से एक महिला मंडल भवन तक का निर्माणनही हो सकता था ओर आज कांग्रेस के नेता जयराम सरकार पर यह आरोप लगा रहे हें कि हमने शिक्षण संस्थानों को बंद कर दिया।