धर्मशाला: यूएई के प्रतिनिधिमंडल ने CM से बैठक कर निवेश के लिए दिखाई रुचि

  • 07 Nov 2019
  • Reporter: समाचार फर्स्ट

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने धर्मशाला में भारत में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के राजदूत एचई अहमद अरबाना की अगुवाई में यूएई के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ बी2जी बैठक की अध्यक्षता की। प्रतिनिधिमंडल ने फल एवं सब्जी प्रसंस्करण में निवेश के लिए गहरी रुचि दिखाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश में निवेश को आकर्षित करने के लिए सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाया है। उन्होंने कहा कि अपनी जलवायु विविधता के कारण प्रदेश को देश के फल राज्य के नाम से भी जाना जाता है। प्रदेश में फल एवं खाद्य प्रसंस्करण ईकाइयां और सीए भण्डार स्थापित करने के लिए अपार संभावनाएं है।

संयुक्त अरब अमीरात के राजदूत ने कहा कि यूएई इस ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट में प्रदेश का सहभागी देश है और इस कार्यक्रम को मेगा हीट बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका और चीन के उपरांत भारत का तीसरा सबसे बड़ा औद्योगिक सहभागी है, जो दोनों देशों के मध्य अच्छे सम्बन्धों को दर्शाता है। संयुक्त अरब अमीरात के उद्यमियों ने लोजिस्टिक्स विकसित करने में रुचि दिखाई। अन्य उद्यमियों ने भी पर्यटन एवं आरोग्य केन्द्रों में रुचि दिखाई।

रूस के प्रतिनिधिमंडल ने भी मुख्यमंत्री और प्रदेश सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को कृषि क्षेत्र में उनकी रुचि से अवगत कराया। उन्होंने संस्कृति विनिमय परियोजना में भी अपनी रुचि दिखाई। इसके उपरांत, मुख्यमंत्री ने पर्यटन, आरोग्य तथा आयुष सत्र और सांस्कृति संध्या में भी भाग लिया। मुख्य सचिव डॉ. श्रीकांत बाल्दी ने प्रदेश में पर्यटन की क्षमता पर आधारित प्रस्तुति दी।

सम्मेलन की ब्रेंड एंबेसडर यामी गौतम ने पहाड़ी भाषा में सम्बोधन करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश में पर्यटन क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं और अगर इसका प्रचार-प्रसार किया जाए तो लोगों की आर्थिकी में सुधार लाया जा सकता है। उन्होंने प्राकृतिक खेती तथा एग्रो-पर्यटन और प्रदेश में इसकी संभावनाओं के बारे में भी विस्तार में जानकारी दी। आईसीओएमओएस-इंडिया के प्रमुख संरक्षण वास्तुकार एवं संस्थापक निदेशक, कार्यवाहक अध्यक्ष गुरमीत एस. राय ने हिमाचल प्रदेश में धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन के विकास के बारे में अपने विचार साझा किए। उन्होंने बताया कि सांस्कृतिक पर्यटन विश्व का सबसे बड़ा और तेजी से विकसित होने वाला पर्यटक बाजार है और हिमाचल के पास इस क्षेत्र में अपार संभावनाएं उपलब्ध है।