सरकार की नीयत साफ हो सकती है, नीति नहीं - जीएस बाली

  • 09 Nov 2019
  • Reporter: मनोज धीमान

पूर्व मंत्री जी एस बाली ने धर्मशाला में आयोजित हुए इंवेस्टर मीट पर सवाल खड़े किये हैं । उन्होंने कहा कि हम ये नहीं कह रहे है कि सरकार की नियत साफ नहीं है । लेकिन, उनकी नीति बिलकुल स्पष्ट नहीं है । सरकार ने इंवेस्टर को आयोजित करने में जल्दबाजी दिखायी है । अगर पूरी तैयारी के साथ ये होता तो इसके सकारात्मक परिणाम नजर आते । पूर्व मंत्री ने एक बार फिर सरकार पर आरोप लगाये कि सीमेंट हिमाचल में बनता है , लेकिन यहां महंगा बेचा जाता है । बिजली के लगातार कट लग रहे हैं । बिजली भी महंगी है । सरकार निवेशकों को बुलाने के लिये करोड़ो रुपये खर्च कर रही है । वहीं सरकार 4 हजार करोड़ का लोन लेकर अपने खर्चे चला रही है ।

पूर्व मंत्री ने कहा कि ऐसे कामों के लिये  एक अनुभवी टीम काम करती है । जो इस सरकार के पास नहीं है ।  जो इंवेस्टर मीट हुई इसके बाद किसी बिजनेस को किसी प्रोजेक्ट को लगाने के लिए जमीन, पावर का स्ट्रक्चर भी हो और पानी भी हो। ये तीन महत्वपूर्ण चीजें हों।  जिसका कहीं कोई जिक्र इंवेस्टर मीट में नही किया गया । प्रदेश में  10 लाख बेरोजगारों को नौकरी मिलेगी उस पर भी संशय है ।

जीएस बाली ने कहा कि सीएम खुद कह रहे है कि MOU होने का ये मतलब नहीं कि सारे धरातल पर आ जाये । फिर 93 हजार करोड़ के MOU को क्यों सरकार प्रचारित कर रही है । उन्होंने कहा कि सरकार पूरे आयोजन के खर्च का एक श्वेत पत्र जारी करे । ताकि सभी को पता चले कि कहां कितना पैसा खर्च हुआ । पूर्व मंत्री ने कहा कि हम छ महीने से 9 महीने तक इंतजार करेंगे क्योंकि किसी भी प्रोजेक्ट को शुरु होने में वक्त लगता है । उसके बाद ही सरकार से जवाब मांगा जायेगा ।

इसके अलावा पूर्व मंत्री ने गांधी परिवार की SPG सुरक्षा हटाने की निंदा की । उन्होंने कहा कि जिस परिवार के दो पूर्व प्रधानमंत्री शहीद हुए । जिस परिवार पर हमेशा खतरा बना रहता है । उनकी सुरक्षा को कम करना गलत है । सरकार तत्काल फैसले को वापस ले और गांधी परिवार की SPG सुरक्षा दोबारा से बहाल करे ।