हिमाचल की 13 दवाइयों के सैंपल हुए फेल

  • 14 Nov 2019
  • Reporter: नवनीत बत्ता

हिमाचल की दवाइयों के सैंपल पूरे देश की तुलना में सबसे अधिक फेल हुए हैं। एक सरकारी डाटा के अनुसार हाल ही में लिए गए पूरे देश से 1163 दवाइयों के सैंपलों में से 1127 दवाइयों के सैंपल पास हुए जबकि 36 सैंपल फेल हुए।  हैरानी इस बात की है कि 36 में से 13 सैंपल हिमाचल प्रदेश में बन रही दवाइयों के फेल हुए हैं। हालांकि सरकारें यह छोटी-छोटी दवाइयों की फैक्ट्रियां लगाने में जोर देती रही है कि यहां पर पर्यावरण बहुत अच्छा है और बढ़िया दवाइयां यहां पर बने बनाए जा सकते हैं। लेकिन उसके बाद भी 36 में से 13 सैंपल सिर्फ हिमाचल प्रदेश में बन रही कंपनियों के ही फेल होना अपने आप में बहुत बड़ी बात है।

 इनमें से  13 में से 9 सैंपल बीवीएन,  2 सैंपल कांगड़ा  और 11 सिरमौर और उना जिला से  फेल हुए हैं।  इसको अब हम आम आदमी के जीवन के साथ खिलवाड़ ना कहें तो और क्या कहें। हिमाचल में फेल होने वाली दवाओं में हनुकैम लैबोरेट्रीज मानपुरा बद्दी की एजीथ्रोमाईसिन ओरल सस्पेंशन, बायोजेनेटिक ड्रग्स प्राइवेट लिमिटेड झाड़माजरी बद्दी की आई ब्रूफेन टैबलेट, पार्क फार्मास्यूटिकल कालूझिंडा बद्दी की मॉक्सीफोर्ड आई ड्राप, आपास्वामी आक्यूलर डिवाइस प्राइवेट लिमिटेड काठा बद्दी की टोबोटर आई ड्राप, क्योरटेक स्किनकेयर भटौलीकलां बद्दी की बेटामैथासोन डिपरोपायोनेट क्रीम, मेडिका लैबस ढांग निहली नालागढ़ की एमोक्सीसिलिन एंड पोटाशियम कलवनेट टैबलेट, जीएनबी मेडिका लैब जगातखाना नालागढ़ की सेफिजिम डिस्पेरसिबल टैबलेट, एलगेन हेल्थकेयर खड़ाखेड़ी कालाअंब सिरमौर की लूलीकोनाजोल क्रीम, विंगस बायोटेक एचपीएसआईडीसी बद्दी की कैलशियम कार्बोनेट टैबलेट।

जीएनबी मेडिका लैबस ढांग निहली नालागढ़ की एमोक्सीसिलिन पोटाशियम कलवनेट विद लैक्टिक एसिड बेसिलस टैबलेट, टाईटेनस फार्मा बाथू हरोली ऊना की मेटफॉरमिन हाईड्राक्लोराईड सस्टेन रिलीज टैबलेट, केयरमैक्स फॉर्मूलेशन इंडस्ट्रियल एरिया संसारपुर टैरेस कांगड़ा का अमिकासिन सलफेट इंजेक्शन, टैरेस फार्मास्यूटिकल इंडस्ट्रियल एरिया संसारपुर टैरेस कांगड़ा की रैमप्रिल टैबलेट शामिल है। इन दवाओं के सैंपल सीडीएससी सब जोन इंदौर, सीडीएससीओ नॉर्थ जोन गाजियाबाद, सीडीएससीओ सब जोन बद्दी, ड्रग्स कंट्रोल आफिस रोहतक, सीडीएससीओ हैदराबाद, ड्रग्स कंट्रोल डिपार्टमेंट अरुणाचल प्रदेश से लिए गए हैं। राज्य दवा नियंत्रक मनीष कपूर ने इनकी जांच सीडीटीएल मुंबई, आरडीटीएल चंडीगढ़, सीडीएल कोलकाता, आरडीटीएल गुवाहाटी में की गई है। सैंपल फेल होने वाले उद्योगों को नोटिस जारी किए जाएंगे, वहीं फेल हुए सैंपलों के बैच मार्किट से हटाने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।