क्या सच में 'होली के दिन दिल मिल जाते हैं...??', फिलहाल ऐसा नहीं लगता!

  • 15 Mar 2019
  • Reporter: मनीष कौल

देश भर में इस्तेमाल होने वाला जाना माना वॉशिंग पाउडर सर्फ एक्सेल होली की एक ऐड को लेकर काफी दिनों से विवादों में है। ख़ास तौर पर होली के लिए बनाए गए इस ऐड में सर्फ एक्सेल ने भाईचारे की भावना का संदेश देने की सोची थी, लेकिन उनका ये मैसेज अब उल्टा पड़ता जा रहा है। #Ranglaayesang हैशटैग पर बने इस ऐड की सोशल मीडिया पर एक तबके ने खूब धज्जियां उड़ाईं और यहां तक कि ये लोग इस पाउडर को बंद करने की बात तक करने लगे।

इस ऐड को अग़र आप देखेंगे तो इसमें आपको कुछ ज्यादा नज़र नहीं आएगा। लेकिन इस ऐड में हिंदु-मुस्लिम को लेकर जो भाईचारे का संदेश है वे कई लोगों को ख़टक गया। होली को लेकर बनाए गए इस ऐड को जो लोग ट्रॉल कर रहे हैं, उससे ये कहना ग़लत नहीं होगा कि देश में निठल्लों की तादाद कितनी बढ़ गई है। सोशल मीडिया पर ये भी चर्चा है कि इसे बीजेपी के लोग काफ़ी हवा दे रहे हैं। लेकिन होली की बात करें तो शोले फिल्म का वो एक गाना याद आता है, जिसे भाईचारे का संदेश देने के मद्देनज़र बनाया गया था। 'होली के दिन दिल मिल जाते हैं, रंगों में रंग मिल जाते हैं।' ये देखें वीडियो ऐड...

इस ऐड में आप देख सकते हैं कि सफेद टी-शर्ट पहने हिंदू लड़की पूरी गली में साइकल लेकर घूमती है और सभी बच्चों के रंग अपने ऊपर डलवाकर खत्म करवा देती है। इसके बाद अपने मुस्लिम दोस्त के घर के बाहर जाकर कहती है कि रंग खत्म हो गए। फिर उसे साइकल पर बैठा मस्जिद के दरवाजे पर छोड़ती है और वे नमाज के लिए चला जाता है। आखिरी में उसके सीढ़ी चढ़ते वक्त लड़की कहती है, बाद में रंग पड़ेगा। इस पर उसका मुस्लिम दोस्त धीमे से मुस्करा देता है।

हिंदुस्तान लीवर के मालिकाना हक वाले सर्फ एक्सल ने इसके जरिए यह संदेश देने का प्रयास किया था कि रंगों के जरिए समाज संग आ सकता है। इस ऐड का अंत सर्फ एक्सेल की परंपरागत टैगलाइन 'दाग अच्छे हैं' के साथ होता है। लेकिन जब ये बाज़ार में आता है तो सोशल मीडिया पर एक तबका इसका खूब विरोध करता है और रातों रात एक कैंपेन चलने लगता है... #boycottSurfExcel. इसके साथ कई लोगों ने आरोप लगाया है कि यह विज्ञापन 'लव जिहाद' को बढ़ावा देता है।

ऐसा नहीं कि हर किसी ने इसका विरोध ही किया हो, कुछ लोगों ने इस आरोप को बेमतलब बताया है और ऐसे लोगों की मानसिकता पर सवाल भी उठाये। लेकिन सवाल ये है कि जो लोग इस ऐड पर विवाद उठा रहे हैं उनकी मानसिकता आज के एडवांड दुनिया में कहां बह रही है। या फिर हिंदु-मुस्लिम का खेल करने वाला एक बड़ा तबका अब त्यौहारों पर भी राजनीति अंटा रहा है और लोगों को किसी धर्म के प्रति उकसा रहा है। इस वाक्या को देखकर सन 47 कि एक किताब की याद आती है, जिसमें हमारे देश में धर्म को एक बड़ी गंभीर समस्या बताया गया था।

बाबा रामदेव ने भी सर्फ एक्सल पर साधा निशाना

इस बीच पतंजलि आयुर्वेद के प्रमुख और योग गुरु बाबा रामदेव ने भी सर्फ एक्सल की धुलाई करने की बात कही है। रामदेव ने ट्वीट किया, 'हम किसी भी मजहब के विरोध में नहीं हैं, लेकिन जो चल रहा है उस पर गंभीरता से सोचने की जरूरत है। लगता है जिस विदेशी सर्फ से हम कपड़ों की धुलाई करते हैं अब उसकी धुलाई के दिन आ गए हैं?'