Birthday Special: आज भी लोगों को डरा देते हैं अमरीश पुरी के ये डायलॉगस

  • 22 Jun 2019
  • Reporter: समाचार फर्स्ट डेस्क

अमरीश पुरी के आज जन्मदिन पर गूगल ने डूडल बनाकर उनके 87वें बर्थडे पर याद किया है। बॉलीवुड एक्टर अमरीश पुरी का जन्म 22 जून, 1932 को पंजाब के नवांशहर में हुआ था। अमरीश पुरी चार भाई बहन थे और बड़े भाई मदन पुरी और चमन पुरी दोनों फिल्म एक्टर थे। अमरीश पुरी 'मि. इंडिया' के मोगैंबो के किरदार से ऐसे फेमस हुए कि ये किरदार अनोखा बन गया।

अमरीश पुरी ने न सिर्फ फिल्मों में विलेन का रोल निभाया बल्कि जब वे कैरेक्टर रोल में आए तो उन्होंने अपने फैन्स की आंखें नम कर दी। 'दिलवाले दुलहनिया ले जाएंगे' में अमरीश पुरा का डायलॉग 'जा सिमरन जा' तो ऐसा आइकॉनिक डायलॉग बना है कि आज भी लोगों की जुबान पर रहता है।

अमरीश पुरी वैसे तो बॉलीवुड में हीरो बनने की चाह लेकर आए थे लेकिन किस्मत को शायद उन्हें विलेन बनना ही लिखा था और एक ऐसा विलेन जिसे कोई आज तक नहीं भूल पाया है और न ही आगे कभी भूल पाएगा।

अमरीश पुरी के ये डायलॉग्स:-

जो जिंदगी मुझसे टकराती है...

घायल के कई डायलॉग्स पॉप्युलर हैं। उनमें से अमरीश पुरी का डायलॉग 'जो जिंदगी मुझसे टकराती है वो सिसक-सिसस कर दम तोड़ती है', सुनकर दर्शकों के मन में घबराहट पैदा होने लगती थी।

आओ कभी हवेली पर

नगीना फिल्म में अमरीश पुरी का डायलॉग आओ कभी हवेली पर लोगों के मन में डर पैदा कर देता था। इस फिल्म में अमरीश पुरी ने लंबे बालों वाले तांत्रिक का रोल प्ले किया था। हालांकि अब उनका यह डायलॉग मीम्स के रूप में इंटरनेट पर छाया रहता है।

डॉन्ग कभी रॉन्ग नहीं होता

तहलका फिल्म में डॉन्गरीला के बादशाह बने अमरीश पुरी ने लोगों को खूब डराया था। वह डॉन्ग के रोल में थो जो स्कूल की बच्चियों को किडनैप करके उन्हें सुइसाइड बॉम्बर बनाता था। खतरनाक हरकतों के साथ उनका डायलॉग था डॉन कभी रॉन्ग नहीं होता, जिसे बोलते ही आज भी अमरीश पुरी का चेहरा लोगों के सामने आ जाता है।

उन्होंने 'मिस्टर इंडिया', 'नगीना', 'नायक', 'दामिनी' और 'कोयला' जैसी कई फिल्मों में अपनी एक्टिंग लाखों दिलों में खास जगह बनाई। 'मिस्टर इंडिया' का मोगैम्बो हो या 'नगीना' का भैरोंनाथ, 'अजूबा' का 'वजीर-ए-आला' हो या फिर 'तहलका' का जनरल डोंग' उनके कई किरदारों की आज भी चर्चाएं होती है।

80 और 90 के दशक में अमरीश बॉलीवुड की लगभग सभी फिल्मों का अहम हिस्सा हुआ करते थे। उनकी बुलंद आवाज़, आंखों से झलकती नफरत और उनकी दमदार अदाकारी के आगे बड़े-बड़े सुपरस्टार भी फीके पड़ जाते थे। अमरीश पुरी ने 12 जनवरी 2005 को इस दुनिया को अलविदा कह दिया था।