हत्या के आरोपी को आजीवन कारावास की सजा

  • 10 Jul 2019
  • Reporter: समाचार फर्स्ट डेस्क

जिला न्यायवादी विनोद भारद्वाज ने जानकारी देते हुए बताया कि जिला एंव सत्र न्यायधीश राकेश चौधरी की अदालत ने एक अहम फैसला सुनाते हुए दोषी रशपाल को धारा 302 भादसं के अन्तर्गत आजीवन कारावास और 5 हजार रूपए जुर्माना लगाया है।

जुर्माना अदा न करने की स्थिति में दोषी को 6 महीने का आसाधारण कारावास और धारा 458 भादसं में 5 साल का आसाधारण कारावास और 3 हजार रूपए का जुर्माना लगाया है। उन्होने बताया कि सारी सजाएं एक साथ लागू होगीं।

उन्होने जानकारी देते हुए बताया कि 2 मई 2017 को विशाल चन्देल पुत्र रमेश चन्देल निवासी गांव घुमानी तहसील और थाना घुमारवीं ने पुलिस के पास अपना ब्यान धारा 154 अपराधिक प्रक्रिया संहिता के अन्तर्गत कलमबद्ध करवाया और बताया कि 2 मई 2017 को प्रातः 9:45 बजे जब वह और उसका चचेरा भाई गौरव चन्देल मृतका गंगदेई निवासी खुरवाडी में तीन दराटियां जो गंगदेई मृतका ने 30 अप्रैल 2017 को गेंहू के कटान के लिए उनके घर से लाई थी। उन्हें वापिस लेने के लिए उसके घर गया तो वहां पर शीला देवी पत्नी चेतराम गांव रोपा भी फसल की कटाई के लिए आई थी, दराटी मांगने के लिए मृतका के घर के दरवाजे को खटखटकाया, जो अंदर से बंद था, लेकिन कोई जबाव नहीं आया।

जिस पर विशाल चन्देल ने दरवाजे के सामने रखी लोहे की टंकी की मदद से ऊपरी मंजिल पर चढकर देखा कि खिड़की खुली थी और खिडकी से अंदर देखने पर मृतका गंगदेई के सिर पर चोट का निशान था, पूरा चेहरा खून से लथपथ था तथा शरीर छाती से नीचे अल्मारी खुली थी, यह देखने पर विशाल चन्देल ने अपने ताया खेमचन्द को इसके बारे में बताया जिस पर गांव के लोग इकटठे हो गए। जिस पर शक हुआ कि किसी व्यक्ति ने रात के समय खिड़की खोलकर मृतका के घर घुसा और उसके सिर पर चोट मारकर हत्या कर दी। घर पर रखे सामान की लूटपाट की जिसके आधार पर एफआईआर. नम्बर 100/17 यू/एस. 302, 458, 392 दर्ज की गई।

उन्होने बताया कि इस मुकदमे में अभियोजन पक्ष ने 25 गवाह अपने में पेश किए और 2 गवाह दोषी ने अपने बचाव के लिए पेश किए। उन्होने बताया कि अभियोजन पक्ष के सभी गवाहों को सही ठहराते हुए और अभियोजन पक्ष के तर्कों को स्वीकार करते हुए बचाव पक्ष की दलीलों को नकारते हुए अदालत ने अभियुक्त रशपाल को दोषी करार दिया और मुकदमें को क्वांटम के लिए रखा गया। उन्होने बताया कि अभियोजन पक्ष की दलीलों को स्वीकार करते हुए अदालत ने उपरोक्त सजाएं दोषी को सुनाई।