हमीरपुर: खुले में कूड़ा फेंकने वालों का कटेगा चालान, CCTV से रखी जाएगी निगरानीः DC

  • 13 Aug 2019
  • Reporter: कमल कृष्ण

हमीरपुर शहर में खूले में कूड़ा फेंकने वालों की खैर नहीं। शहर में खूले में कूड़ा फेंकने वालों का चालान काटा जाएगा। यही नहीं सीसीटीवी फुटेज से साक्ष्य जुटाकर उनके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी। यह बात डीसी हमीरपुर हरिकेश मीणा ने साप्ताहिक समीक्षा बैठक में कही। उन्होंने कहा कि हमीरपुर शहर में घर-घर से कूड़ा एकत्र करने की प्रक्रिया में काफी सुधार देखा जा रहा है। शहर को स्वच्छ बनाए रखने तथा इस अभियान को सफल बनाने में यहां के स्थानीय निवासियों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे इधर-उधर कूड़ा फेंकने के बजाय नगर परिषद द्वारा नामित व्यक्ति के माध्यम से ही इसका निष्पादन करें।

इस मौके पर उन्होंने नगर परिषद अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रति वार्ड कूड़ा उठाने वाले वाहनों की सूची तैयार करें और लोगों को इन गाड़ियों के आने-जाने का समय तथा कूड़ा एकत्रीकरण के बारे में निरंतर सूचित व जागरूक करते रहें। कूड़ा-कचरा एकत्र करने में तैनात वाहनों की कार्यप्रणाली की भी समुचित निगरानी की जाए और उपमंडलाधिकारी (ना.) से आग्रह किया कि वे इसके लिए औचक निरीक्षण भी करें। उन्होंने नगर परिषद अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहर में 100 कि.ग्रा. से अधिक मात्रा में कूड़ा-कचरा उत्पादित करने वाले निजी संस्थानों, व्यापारिक व अन्य प्रतिष्ठानों की सूची अद्यतन (अपडेट) करें और इनके द्वारा कचरा निष्पादन हेतु प्रयोग में लाई जा रही प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त कर उन्हें इसके समुचित निपटान की बाध्यता के बारे में भी अवगत करवाएं।

शहर में घरेलू भवनों के व्यवसायिक उपयोग के बारे में चर्चा करते हुए उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि वे यह सुनिश्चित करें कि यहां शैक्षणिक व अन्य गतिविधियों से संबंधित संस्थान मानकों के अनुरूप स्थापित किए गए हैं। उन्होंने पुलिस व शिक्षा विभाग से आग्रह किया कि शैक्षणिक संस्थानों के आस-पास संदिग्ध गतिविधियों पर भी कड़ी निगरानी रखें। उन्होंने कहा कि शहर के प्रमुख स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे स्थापित कर अवंछानीय गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। इसी तरह की व्यवस्था अन्य स्थानों पर भी की जाएगी ताकि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ कूड़ा-कचरा खुले में फैंकने वालों तथा अन्य शरारती तत्वों की भी निगरानी की जा सके।