मुख्यमंत्री ने अधिकारियों और कर्मचारियों को निष्ठा एवं उत्साह से कार्य करने के निर्देश दिए

  • 09 Sep 2019
  • Reporter: समाचार फर्स्ट डेस्क

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने रविवार को धर्मशाला में आयोजित जनमंच की समीक्षा के लिए कांगड़ा ज़िला के वरिष्ठ अधिकारियों की एक बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री की घोषणाओं के कार्यान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी अधिकारियों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग और प्रदेश के हर हिस्से के विकास के लिए प्रतिबद्ध है इसलिए सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को पूरी ईमानदारी के साथ कार्य करना चाहिए ताकि सरकार ने जो विकास परियोजनाएं स्वीकृत की हैं उन्हें निर्धारित समयावधि में पूरा किया जा सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को पूर्ण निष्ठा एवं उत्साह के साथ कार्य करने की आवश्यकता है ताकि सरकार की नीतियों एवं कार्यक्रमों का लाभ समाज के पात्र वर्गों को मिल सके।

उन्होंने कहा कि सरकार कर्मचारियों के साथ पूर्ण समन्वय के साथ कार्य कर रही है और उनसे किसी भी प्रकार के सकारात्मक सुझाव का स्वागत है। उन्होंने कर्मचारियों का आह्वान किया कि वे नियमित तौर पर फील्ड का दौरा करें ताकि विकास परियोजनाओं के कार्यान्वयन की समीक्षा हो सके। बैठक में जानकारी दी गई कि पिछले डेढ़ साल के दौरान मुख्यमंत्री की कुल 189 घोषणाओं में से 91 का क्रियान्वयन किया जा चुका है जबकि 47 घोषणाएं ज़िला स्तर पर और 51 राज्य स्तर पर क्रियान्वयन की प्रक्रिया में है।


धर्मशाला कारागार का नामकरण लाला लाजपत राय के नाम पर करने की घोषणा

मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने रविवार को कांगड़ा जिला के धर्मशाला में जिला कारागार, ओपन एयरद्ध भवन के धरातल और पहली मंजिल की आधारशिला रखी। इस अतिरिक्त भवन के निर्माण को 82 लाख रुपये की लागत से पूरा किया जाएगा जिसमें विजिटर कक्ष-ए शस्त्रागार-ए सीसीटीवी निगरानी कक्ष-ए उप पुलिस अधीक्षक कक्ष-ए स्टोरए पैन्टरीए पैरा लीगल कार्यालय और रिकार्ड कक्ष आदि शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने कारागार परिसर में महान स्वतंत्रता सेनानी लाला लाजपत राय की प्रतिमा का अनावरण किया। लाला लाजपत राय को 21 अप्रैलए 1922 से 9 जनवरी 1923 तक ब्रिटिश सरकार द्वारा इस कारागार में रखा गया था।
उन्होंने इस कारागार का नामकरण लाला लाजपत राय करने की घोषणा की।