सरकार भ्रष्टाचार के आरोपों की नहीं, बल्कि आरोप लगाने वालों की कर रही जांच: प्रेम कौशल

  • 19 Sep 2019
  • Reporter: कमल कृष्ण

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता प्रेम कौशल ने कहा है कि बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं के ख़िलाफ़ सोशल मीडिया पर जो भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं, सरकार उनकी जांच नहीं कर रही है। और मज़ेदार बात यह है कि जिन लोगों ने मंत्रियों के ख़िलाफ़ भ्रष्टाचार और अनियमतताओं के गम्भीर आरोप लगाए हैं, सरकार की जांच एजेंसियां उन्हीं आरोप लगाने वाले लोगों की जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर पहले ही तमाम आरोपों की जांच हाई कोर्ट के जज से करवाने की मांग कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी चाहती है कि इस मामले को लेकर जांच हो ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।

प्रेम कौशल ने कहा कि इन दिनों हिमाचल में इन्वेस्टर मीट का बहुत अधिक शोर मचा हुआ है। और कांग्रेस पार्टी इस बात का स्वागत करती है कि इन्वेस्टर मीट हो ,प्रदेश में उद्योग लगे और बेरोजगारों को रोज़गार मिले । उन्होंने कहा कि हिमाचल में जितना उद्योगिकरण हुआ है, वह कांग्रेस पार्टी की देन है । प्रेम कौशल ने आशंका ज़ाहिर की है कि जब पूरे देश में मंदी का दौर चला हुआ है और उद्योग बंद हो रहे हैं, तो ऐसे में कौन हिमाचल में इन्वेस्टमेंट करेगा। उन्होंने कहा कि देश की अर्थ व्यवस्था विकट और विकराल रूप धारण करती जा रही है। ऐसे में यह समझ से परे है कि इन्वेस्टर मीट में कौन इन्वेस्ट करने यहां आएगा ।

उन्होंने कहा कि इन्वेस्टर मीट के नाम पर बीजेपी का जो ‘हिडन एजेंडा’ है, कांग्रेस उसका विरोध करती है। इन्वेस्टर मीट और धारा 118 में छेड़छाड़ कर बाहरी धन्ना सेठों को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। हिमाचल में होटल उद्योग पहले से ही संकट के दौर से गुज़र रहा है। अगर ऐसी हालत में प्रदेश सरकार बाहरी राज्य के लोगों को धारा 118 के तहत प्रदेश में फ़ाइव स्टॉर होटल खोलने की दिशा में प्रयास करेगी तो पहले से चले होटलों के कारोबार पर फ़र्क़ पड़ेगा और कांग्रेस पार्टी इस बात का विरोध करेगी।

प्रेम कौशल ने कहा की कांग्रेस में कोई गुटबाजी नहीं है पर पर लोकतंत्र में किसी में आपसी मतभेद हो सकते हैं। साथ ही उन्होंने कहा की सरकार यदि विधायकों का इनकम टेक्स खुद जमा करवाती है और इस तरह के फेसलों का कांग्रेस भी सरकार का समर्थन करेगी यदि वे जनहित में हुए तो।