IB और आर्मी इंटेलिजेंस ने पठानकोट में डाला डेरा, आतंकियों के मददगारों को तलाश रहीं सुरक्षा एजेंसियां

  • 15 Sep 2019
  • Reporter: मनोज धीमान

जम्मू-कश्मीर के लखनपुर में तीन दिन पहले खतरनाक हथियारों के साथ गिरफ्तार आतंकियों के मददगारों की तलाश सुरक्षा एजेंसियों ने तेज कर दी है। आतंकी पठानकोट जिले से ही लखनपुर में प्रवेश किए थे। जिले से ट्रक के गुजरने और कुछ दिनों तक यहां रहने की आशंका के चलते सुरक्षा एजेंसियों की चुनौती बढ़ गई है। उन्हें ऐसे लोगों की तलाश है जिन्होंने आतंकियों को रास्ता बताया हो और उनकी किसी भी तरीके से मदद की हो। आइबी व आर्मी इंटेलिजेंस के अधिकारी जिले में डेरा जमाए हुए हैं। पुलिस अधिकारी भी सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के साथ बैठकें करके सुरक्षा व्यवस्था को और पुख्ता करने में जुटे है। नाकों पर सख्ती बढ़ाते हुए तलाशी अभियान तेज कर दिया गया है।

बमियाल सेक्टर से लेकर जिले भर में आतंकियों के वाहन की लोकेशन ट्रेस की जा रही है। अभी तक यह बात पुख्ता नहीं हो पाई है कि ट्रक किस रास्ते से लखनपुर तक पहुंचा। सीमावर्ती इलाकों में लगातार चेङ्क्षकग अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों को अभी तक कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लग पाया है।

आतंकियों के ग्रामीण क्षेत्रों के मार्गों से गुजरने की आशंका के मद्देनजर पुलिस व सुरक्षा एजेंसियों ने बमियाल एरिया में अपनी तफ्तीश बढ़ाई है। सबसे बड़ा सवाल है कि आतंकी यदि ग्रामीण क्षेत्रों से ट्रक लेकर गुजरे तो उन्हें ङ्क्षलक मार्गों की सटीक जानकारी कैसे मिली? माना जा रहा है कि स्थानीय लोगों की मदद के बिना आतंकी ग्रामीण क्षेत्रों से ट्रक लेकर नहीं जा सकते थे। मदद करने वालों की तलाश में दीनानगर (गुरदासपुर) से लेकर बमियाल होते हुए जम्मू सीमा तक के मार्गों की पड़ताल की जा रही है।

पुलिस व जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि शीघ्र ही आतंकियों के संंबंध में कोई पुख्ता सुराग हाथ लग सकता है। ग्रामीण क्षेत्रों में लिंक सड़कों के आसपास तलाशी अभियान के दौरान सुरक्षा प्रबंधों की खामियों का भी पता चल चलने पर इन्हें शीघ्र दूर किया जाएगा।

पुलिस की जांच जारी है : एसएसपी

एसएसपी दीपक हिलोरी ने बमियाल सेक्टर में सीमा पर तैनात बीएसएफ अधिकारियों के साथ सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर शनिवार को बैठक की। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस व बीएसएफ संयुक्त रूप से किसी भी गतिविधि पर नजर रख रहे हैैं। पुलिस ने बीएसएफ से सुरक्षा को लेकर सहयोग का आग्रह किया है। एसएसपी ने कहा है कि हमारी जांच जारी है और इसके आधार पर आगामी कार्रवाई होगी।

माधोपुर नाके पर पुलिस की चौकसी बढ़ी

पठानकोट में जम्मू-कश्मीर सीमा पर स्थित माधोपुर नाके पर पुलिस ने चौकसी बढ़ा दी है। एसपी और डीएसपी स्तर के अधिकारियों ने शनिवार को स्वयं सुरक्षा प्रबंध जांचे और चेेङ्क्षकग अभियान में वाहनों की पड़ताल की। नाके में सीसीटीवी फुटेज को खंगालने का काम जारी है। पुलिस ने जिले के अन्य टोल प्लाजा के साथ ही सीसीटीवी कैमरे वाले संपर्क मार्गों की भी पड़ताल जारी रखी हुई है। तीन दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस उलझन में है कि आतंकियों ने किस मार्ग को चुना।

सीसीटीवी फुटेज लेकर जम्मू पहुंचे पंजाब के पुलिस अधिकारी

अमृतसर-पठानकोट बाइपास पर लगे सीसीटीवी की फुटेज लेकर खुफिया एजेंसियों के अधिकारी जम्मू पुलिस के पास पहुंच चुके हैं। पकड़े गए तीनों आतंकियों से पूछताछ में जुटी खुफिया एजेंसियों के अधिकारी बॉर्डर जोन के कई अधिकारियों से भी बातचीत कर चुके हैं। अमृतसर देहाती के एसएसपी विक्रम दुग्गल ने बताया कि फिलहाल अमृतसर से उक्त ट्रक और उसमें सवार आरोपितों का कोई संबंध सामने नहीं आया है।

पंजाब पुलिस के खुफिया विभाग की एक टीम ने भी आरोपितों से इनपुट लेने के लिए जम्मू में डेरा डाल दिया है। पता लगाया जा रहा है कि पकड़े गए आतंकियों के खालिस्तानी आतंकियों के साथ कोई संबंध तो नहीं हैं? विगत में हुए घटनाक्रमों से पता चलता है कि पाकिस्तान सीमा के साथ सटे भारतीय गांवों में खालिस्तानी आतंकी एक्टिव हुए हैं।