'स्वच्छ भारत' और 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' का संदेश लेकर कुल्लू पहुंचे ITBP और सेना के जवान

  • 12 Sep 2019
  • Reporter: गौरव, कुल्लू

स्वच्छ भारत और बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का संदेश लेकर ट्रैकिंग और साईकलिंग अभियान पर निकला भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल और भारतीय सेना के जांबाजों का संयुक्त दल वीरवार को कुल्लू के बबेली में पहुंचा। बबेली स्थित भारत-तिब्बत सीमा पुलिस की द्वितीय वाहिनी के कमांडेंट कुशल कुमार और अन्य अधिकारियों ने इस संयुक्त दल का स्वागत किया। कमांडेंट कुशल कुमार ने बताया कि भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल और भारतीय सेना का यह संयुक्त दल 2 सितंबर को पूह से रवाना हुआ था। इसमें भारत-तिब्बत सीमा पुलिस की द्वितीय वाहिनी के एक अधिकारी, 2 अधीनस्थ अधिकारी और 11 हिमवीरों के अलावा भारतीय सेना की 16 पंजाब (पटियाला) वाहिनी की एक महिला अधिकारी सहित 2 अधिकारी, 2 अधीनस्थ अधिकारी और 14 जवान भी शामिल थे।

इस दल के ट्रैकिंग और साईकलिंग अभियान का मुख्य उददेश्य भारत-तिब्बत सीमा पुलिस और भारतीय सेना के बीच आपसी तालमेल तथा सहयोग को बढ़ावा देना था। इसके अलावा दल के सदस्यों ने लाहौल-स्पिति जिले के दूरदराज इलाकों के निवासियों को स्वास्थ्य, स्वच्छ भारत अभियान और बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के प्रति जागरूक भी किया।   कमांडेंट ने बताया कि 2 सितंबर को पूह से अपने अभियान को आरंभ करने के बाद दल ने इसे दो चरणों में पूरा किया।

अभियान के दौरान इस दल के जांबाजों ने स्पिति घाटी के कई जोखिम भरे रास्तों को पार किया। पहले चरण में उन्होंने बातल से बारालाचा ला तक चार दिन की पैदल यात्रा की। दूसरे चरण में उन्होंने बारालाचा ला से बबेली तक साइकलिंग की।

कुशल कुमार ने बताया कि अभियान के दौरान बबेली स्थित भारत तिब्बत सीमा पुलिस की द्वितीय वाहिनी की चिकित्सा टीम ने 9 सितंबर को लाहौल घाटी के गांव जिस्पा और 10 सितंबर को सिस्सू में मुफ्त चिकित्सा शिविर भी लगाए। इन दोनों शिविरों में लगभग 134 लोगों को मेडिकल चैकअप किया गया।

अभियान के समापन अवसर पर कमांडेंट कुशल कुमार ने दल के सभी सदस्यों को बधाई दी। इस मौके पर डिप्टी कमांडेंट छेरिंग टशी बौद्ध, डिप्टी कमांडेंट सुरेश कुमार और अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।