- हिमाचल हाई कोर्ट के वकील अधिवक्ता संशोधन बिल पर दो गुटों में बंटे, एक गुट ने जताया कड़ा विरोध
- हाई कोर्ट से राजभवन तक वकीलों का प्रदर्शन, केंद्र सरकार के खिलाफ की नारेबाजी
- विरोध करने वाले वकीलों का आरोप – यह बिल अधिवक्ताओं के अधिकारों को कमजोर करेगा
Advocate Amendment Bill Protest: अधिवक्ता संशोधन बिल को लेकर हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट के वकील दो गुटों में बंट गए हैं। जहां एक गुट इस बिल के खिलाफ लगातार प्रदर्शन कर रहा है, वहीं दूसरा गुट मानता है कि बिल फिलहाल केंद्र सरकार ने वापस ले लिया है, इसलिए आंदोलन की जरूरत नहीं।
बिल के विरोध में आज हाई कोर्ट से राजभवन तक अधिवक्ताओं ने रैली निकाली और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन कर रहे वकीलों का कहना है कि यह संशोधन बिल उनके अधिकारों का हनन करेगा और अधिवक्ताओं की स्वतंत्रता पर सीधा हमला है।
सरकार वकीलों के अधिकारों को कमजोर करने की कोशिश कर रही – अधिवक्ता
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे अधिवक्ता श्रवण डोगरा ने कहा कि केंद्र सरकार 1961 के अधिवक्ता अधिनियम में संशोधन कर वकीलों के अधिकार छीनने की कोशिश कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार हर वर्ग को टारगेट कर रही है। पहले किसानों के खिलाफ बिल लाने की कोशिश की गई और अब अधिवक्ताओं के खिलाफ यह संशोधन लाया जा रहा है, जिसे वे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेंगे।
श्रवण डोगरा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट बार काउंसिल के चुनाव पिछले 9 सालों से नहीं हुए हैं, लेकिन फिलहाल यह मुद्दा इस विरोध प्रदर्शन का हिस्सा नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वकीलों की लड़ाई केवल इस बिल के खिलाफ है और इसे पूरी ताकत से लड़ा जाएगा।



