Follow Us:

ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाक पर भारत की ‘वाटर स्ट्राइक’, चेनाब में छोड़ा 28,000 क्यूसेक पानी, मचा कोहराम

  • ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत की दूसरी रणनीतिक कार्रवाई — चेनाब नदी में छोड़ा गया 28,000 क्यूसेक पानी

  • सिंधु जल संधि को आंशिक रूप से किया गया स्थगित, पाकिस्तान में बाढ़ का अलर्ट

  • सेना के बाद अब जल के मोर्चे पर भी भारत का आक्रामक रुख, रणनीतिक दबाव के रूप में प्रयोग


India-Pakistan Tensions: ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान और पीओके में आतंकी ठिकानों को नष्ट करने के बाद, भारत ने अब जल मोर्चे पर बड़ा कदम उठाया है। 24 घंटे रोकने के बाद भारत ने चेनाब नदी में 28,000 क्यूसेक पानी छोड़ दिया, जिससे पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के सियालकोट, गुजरात और हेड कादिराबाद जिलों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है।

यह कदम केवल एक जल-प्राकृतिक आपूर्ति नहीं, बल्कि एक रणनीतिक ‘वाटर स्ट्राइक’ के रूप में देखा जा रहा है — जो आतंकवाद और पाकिस्तान की मौन सहमति को लेकर भारत के नए रुख को दर्शाता है। यह हमला अब केवल हथियारों से नहीं, बल्कि पानी की धार से भी किया जा रहा है।

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही संकेत दे चुके थे कि, “अब भारत अपने संसाधनों का उपयोग अपने हितों के लिए करेगा, चाहे वह जल हो या सैन्य शक्ति।”

भारत द्वारा लिया गया यह निर्णय 1960 की सिंधु जल संधि के प्रावधानों को आंशिक रूप से स्थगित करने के बाद आया है। पाकिस्तान ने इसे ‘वाटर वॉर’ की शुरुआत कहकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय में शिकायत की चेतावनी दी है, लेकिन भारत साफ कर चुका है कि यह कार्रवाई मानवता के खिलाफ नहीं, आतंक के खिलाफ है।

पाकिस्तानी सिंधु जल आयोग (IRSA) और स्थानीय प्रशासन ने नदियों के जलस्तर पर निगरानी तेज कर दी है। वहीं भारतीय विश्लेषकों का मानना है कि पाकिस्तान को आतंकवाद की कीमत अब पानी से चुकानी होगी।