कीरतपुर से लापता युवती को पुलिस ने सुरक्षित बरामद कर लिया
हिंदू संगठनों और ग्रामीणों का धरना प्रशासन की बातचीत के बाद समाप्त हुआ
पांवटा साहिब क्षेत्र में हालात तनावपूर्ण रहे, लेकिन नियंत्रण में हैं
देवेंद्र वर्मा/ रोबिन शर्मा, सिरमौर
जिला सिरमौर के गांव कीरतपुर में बीते दिनों एक युवती के गैर-हिंदू युवक के साथ कथित अपहरण की घटना के बाद उपजा तनाव अब धीरे-धीरे शांत हो रहा है। पुलिस द्वारा युवती को सुरक्षित रिकवर कर लिए जाने के बाद, स्थानीय स्तर पर प्रदर्शन कर रहे हिंदू संगठनों और ग्रामीणों ने अपना धरना समाप्त कर दिया है।
घटना के बाद पूरे क्षेत्र में साम्प्रदायिक तनाव की स्थिति बन गई थी। शुक्रवार को माजरा थाने के बाहर प्रदर्शनकारियों ने उग्र प्रदर्शन किया था, जिसमें आरोप लगाया गया था कि पुलिस समय पर कार्रवाई नहीं कर रही। उनका कहना था कि शुक्रवार शाम तक युवती को ढूंढने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया, जिससे गुस्से की लहर फैल गई।
स्थिति को संभालने के लिए प्रशासन ने धारा 163 लागू कर दी और माजरा थाना क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। इस बीच, पांवटा के एसडीएम गुंजित सिंह चीमा शनिवार को मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से सीधी बातचीत की। उन्होंने बताया कि बीती रात हुई मारपीट की घटना में शिकायतकर्ताओं के बयान दर्ज किए गए हैं और जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
प्रदर्शनकारियों द्वारा रखी गई तीन मुख्य मांगें प्रशासन ने मान लीं, जिसके बाद धरना समाप्त कर दिया गया। हिंदू संगठनों ने प्रशासन की तत्परता को लेकर संतोष जताया लेकिन मामले की निष्पक्ष और तेज जांच की मांग की।
विधायक सुखराम चौधरी ने बयान दिया कि
“प्रशासन की सक्रियता से स्थिति नियंत्रण में आई है और लोगों से संयम बनाए रखने की अपील की जाती है।”
एसडीएम चीमा ने यह भी कहा कि धारा 163 हटाने का निर्णय उपायुक्त सिरमौर द्वारा लिया जाएगा और अभी प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर कड़ी निगरानी बनाए हुए है।
यह घटनाक्रम न सिर्फ स्थानीय शांति व्यवस्था के लिए चुनौती रहा, बल्कि प्रशासन की कार्यशैली और त्वरित प्रतिक्रिया की भी कसौटी साबित हुआ।



