. बल्ह क्षेत्र की तीन पंचायतों और दो वार्डों को नगर निगम मंडी से बाहर करने की उठी मांग
. पूर्व मंत्री प्रकाश चौधरी के नेतृत्व में ग्रामीणों ने सौंपा डीसी को मांगपत्र
. नगर निगम में शामिल होने के बावजूद सुविधाओं के अभाव से नाराज़ ग्रामीण
विपलव सकलानी, मंडी
मंडी नगर निगम को बने हुए भले ही साढ़े चार वर्ष पूरे होने वाले हैं, लेकिन बल्ह क्षेत्र की तीन पंचायतों – बेहना, चक्कर चलाह और दौंहदी तथा दो वार्डों – बेहना व दौंहदी वार्ड नंबर 14 के लोग अब भी नगर निगम से बाहर निकाले जाने की मांग कर रहे हैं। शुक्रवार को इस संदर्भ में ग्रामीणों ने पूर्व मंत्री प्रकाश चौधरी के नेतृत्व में जिला उपायुक्त मंडी को मांगपत्र सौंपा।
मांगपत्र में कहा गया है कि नगर निगम में शामिल किए जाने के बाद भी ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। खासतौर पर बैहना वार्ड में नागरिकों को न तो नियमित कचरा प्रबंधन, सड़क निर्माण, पानी की आपूर्ति जैसी बुनियादी सुविधाएं मिल पा रही हैं और न ही निगम के प्रतिनिधियों की सक्रियता देखने को मिल रही है।
पूर्व मंत्री प्रकाश चौधरी ने मीडिया से बात करते हुए कहा –
“नगर निगम मंडी के विस्तार के समय पूर्व भाजपा सरकार ने ग्रामीणों से कई वायदे किए थे, लेकिन उनमें से एक भी वादा पूरा नहीं हुआ। जब सुविधाएं नहीं मिलनी हैं, तो ग्रामीणों को नगर निगम में क्यों बनाए रखा जाए?”
उन्होंने स्पष्ट रूप से राज्य सरकार से मांग की कि इन तीनों पंचायतों को निगम क्षेत्र से बाहर किया जाए और ग्रामीण प्रशासनिक ढांचे में शामिल किया जाए, जिससे लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ और पंचायत प्रणाली की पारदर्शिता मिल सके।
ग्रामीणों का यह भी कहना है कि पिछले चार वर्षों में निगम द्वारा क्षेत्र में कोई बड़ा विकास कार्य नहीं किया गया, बल्कि निगम टैक्स जैसे बोझ ग्रामीणों पर और बढ़ गए हैं।
यह मामला अब सरकार और प्रशासन के लिए संवेदनशील जनभावना से जुड़ा मुद्दा बन गया है, जिस पर समय रहते निर्णय लिया जाना जरूरी है।



