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हिमाचल में अगले 6 दिन तक भारी बारिश का अलर्ट, चंबा में फ‍िर बारिश, चिंताएं बढ़ी

➤ हिमाचल में अगले 6 दिन तक भारी बारिश का अलर्ट
➤ भरमौर में फंसे 3 हजार मणिमहेश यात्रियों के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन
➤ कुल्लू-मनाली और लाहौल स्पीति में 1500 टूरिस्ट फंसे, जरूरी सामान की सप्लाई ठप


हिमाचल प्रदेश में मौसम की मार लगातार बढ़ती जा रही है। शुक्रवार सुबह से ही प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में तेज बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने साफ किया है कि अगले छह दिन तक बारिश से राहत की उम्मीद नहीं है। आज के लिए ऊना, कांगड़ा, मंडी और सिरमौर जिला में यलो अलर्ट जारी किया गया है।

चंबा में सुबह से रूक रूक कर बारिश हो रही है। पूरा चंबा आपदा में ग्रस्‍त है। भारी जानमाल के नुकसान की आशंका है। सबसे गंभीर स्थिति चंबा जिला के भरमौर क्षेत्र में है, जहां करीब 3 हजार मणिमहेश यात्री फंसे हुए हैं। आज इन श्रद्धालुओं को सुरक्षित निकालने के लिए बड़े स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जाएगा। भारी बारिश के कारण सड़कें टूट गई हैं, जिससे श्रद्धालु अलग-अलग जगहों पर फंसे हैं। सरकार का कहना है कि सभी सुरक्षित हैं, लेकिन पिछले 4 दिन से मोबाइल कनेक्टिविटी बंद होने के कारण परिजन संपर्क नहीं कर पा रहे। इससे नुकसान और स्थिति की जानकारी दो-तीन दिन की देरी से मिल रही है। शुक्रवार को भी मोबाइल  सिग्‍नल सुबह से हांफा हुआ है।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, बीते सप्ताह हड़सर से ऊपर लैंडस्लाइड के चलते कई श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है, जबकि कई  घायल और लापता बताए जा रहे हैं। सरकार का दावा है कि मणिमहेश यात्रा में फंसे करीब 10 हजार श्रद्धालुओं में से 7 हजार को सुरक्षित घर भेज दिया गया है। वहीं आज हालात का जायजा लेने लोनिवि मंत्री विक्रमादित्‍य सिंह , राजस्‍व मंत्री जगत नेगी आ सकते हैं।

उधर, कुल्लू-मनाली में हालात बिगड़ते जा रहे हैं। इलाके में पेट्रोल-डीजल की कमी हो गई है। इसके अलावा पिछले चार दिन से दूध, दही, ब्रेड, मक्खन और सब्जियों की सप्लाई भी नहीं पहुंच पाई है। कठिन हालात को देखते हुए कुल्लू और मनाली सब डिवीजन के 9 स्कूल आज भी बंद रखे गए हैं। इसी तरह मंडी के गोहर डिवीजन के स्कूलों में भी छुट्टी घोषित कर दी गई है।

इसके अलावा, कुल्लू, मनाली और लाहौल-स्पीति में करीब 1500 से अधिक टूरिस्ट फंसे हुए हैंसड़कें बंद होने के कारण टूरिस्ट अपने घरों को वापस नहीं लौट पा रहे हैं। प्रशासन ने राहत कार्य तेज करने और आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई बहाल करने की कोशिशें शुरू कर दी हैं।