➤ HPU में SFI और ABVP कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प, 6 से ज्यादा छात्र घायल
➤ गेट वेलकम के दौरान बढ़ी कहासुनी, लात-घूंसे और तेजधार हथियारों से हमला
➤ दोनों संगठनों ने एक-दूसरे पर माहौल खराब करने के लगाए आरोप
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (HPU) में गुरुवार सुबह छात्रों के बीच तनाव उस वक्त हिंसा में बदल गया जब स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं में खूनी झड़प हो गई। घटना समरहिल चौक स्थित विश्वविद्यालय गेट पर घटी, जहां दोनों संगठन नए छात्रों का स्वागत (गेट वेलकम) कार्यक्रम कर रहे थे।

देखते ही देखते कहासुनी मारपीट में बदल गई, और कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे पर लात-घूंसे बरसाए। कुछ ने तेजधार हथियारों से भी हमला किया। मौके पर अफरातफरी मच गई और आसपास मौजूद छात्रों ने बीच-बचाव करने की कोशिश की। झड़प में 6 से अधिक छात्र घायल हो गए हैं।
सूत्रों के अनुसार, यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब एक गुट के छात्रों ने दूसरे की गतिविधियों पर आपत्ति जताई। कुछ ही मिनटों में दोनों पक्ष भिड़ गए और विश्वविद्यालय गेट पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।

ABVP की विश्वविद्यालय इकाई के अध्यक्ष अक्षय ने आरोप लगाया कि सुबह उनके पांच कार्यकर्ता ‘गेट वेलकम’ कर रहे थे, तभी SFI के करीब 25 कार्यकर्ताओं ने उन पर हमला कर दिया। उन्होंने बताया कि ABVP के तीन कार्यकर्ता गंभीर रूप से घायल हैं और कहा कि “SFI लगातार विश्वविद्यालय का माहौल खराब कर रही है, ऐसे तत्वों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।”

वहीं दूसरी ओर, SFI के अध्यक्ष योगी ने ABVP पर पलटवार करते हुए कहा कि उनके कार्यकर्ता गेट पर खड़े थे, तभी ABVP कार्यकर्ताओं ने कमेंटिंग और घूरने जैसी हरकतें शुरू कीं। जब SFI के सदस्यों ने बात करने की कोशिश की तो ABVP कार्यकर्ताओं ने हाथापाई शुरू कर दी। उन्होंने आरोप लगाया कि “ABVP आए दिन विश्वविद्यालय में माहौल खराब कर रही है, खासकर SFI की छात्राओं के साथ कमेंटिंग और धमकाने की घटनाएं बढ़ रही हैं।”

घटना के बाद विश्वविद्यालय परिसर में भारी तनाव का माहौल है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रण में किया। घायल छात्रों को अस्पताल पहुंचाया गया है। प्रशासन ने दोनों संगठनों के खिलाफ वीडियो फुटेज और फोटो के आधार पर जांच शुरू कर दी है।
HPU प्रशासन ने छात्रों से विश्वविद्यालय का शैक्षणिक माहौल बनाए रखने की अपील की है और चेतावनी दी है कि हिंसा में शामिल किसी भी छात्र को बख्शा नहीं जाएगा।



