➤ 10 अक्तूबर को मनाया जाएगा करवाचौथ, महिलाओं में दिखा जबरदस्त उत्साह
➤ शिमला में बाजार सजे, मेहंदी लगवाने उमड़ी विवाहिताएं और युवतियां
➤ रात 8:07 बजे निकलेगा चांद, शुभ मुहूर्त शाम 5:57 से रात 7:11 तक
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में करवाचौथ का उत्सव इस बार पूरे रंग और उमंग के साथ मनाया जा रहा है। 10 अक्तूबर को यह पावन पर्व मनाया जाएगा, जिसे सुहागिन महिलाएं पति की लंबी आयु और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए निर्जला व्रत रखकर मनाती हैं। करवाचौथ का इंतजार हर भारतीय सुहागिन पूरे वर्ष करती है और यह दिन उनके श्रृंगार, सजने-संवरने और आस्था का प्रतीक बन जाता है।
गुरुवार को सुबह से ही माल रोड, झांसी पार्क, शेर-ए-पंजाब और टका बेंच के आस-पास महिलाओं की भीड़ देखने को मिली। विवाहित महिलाओं के साथ नई दुल्हनों और युवतियों ने भी हाथों में खूबसूरत मेहंदी लगवाई। शहर के बाजारों में सिंदूर, चूड़ियां, बिंदी, करवा, साड़ी और मेकअप किट्स की खरीददारी जोरों पर रही।
राधा-कृष्ण मंदिर, गंज बाजार के पंडित उमेश नौटियाल ने बताया कि करवाचौथ की चतुर्थी तिथि 9 अक्तूबर की रात 10:54 बजे से शुरू होकर 10 अक्तूबर की शाम 7:38 बजे तक रहेगी। शिमला में चंद्रोदय का समय रात 8:07 बजे रहेगा। शुभ मुहूर्त में शाम 5:57 से रात 7:11 बजे तक पूजा करने का विशेष महत्व बताया गया है।
उन्होंने कहा कि सुबह सूर्योदय से पहले सरगी ग्रहण कर महिलाएं निर्जला व्रत रखती हैं। शाम को देवी-देवताओं और करवा की पूजा के बाद कथा सुनना और छलनी से चांद व पति का दर्शन करना शुभ माना जाता है। इसके बाद महिलाएं पति के हाथों पानी पीकर व्रत का पारण करती हैं।
इस मौके पर शहर के बाजार पूरी तरह करवाचौथ थीम में सज गए हैं। दुकानों पर डिजाइनर कार्ड, करवा गिफ्ट पैक, ज्वेलरी, चॉकलेट, मेकअप किट और मिठाइयों की बिक्री जोर पर है। गिफ्ट पैक 100 से 550 रुपये तक और डिजाइनर कार्ड 50 से 150 रुपये तक उपलब्ध हैं।
वहीं, करवाचौथ से पहले सरगी और मिठाई के स्टॉल्स भी सज गए हैं। बाजारों में सेवइयां 500 रुपये, मठरी 320 रुपये और अंगूरी पेठा 300 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। टका बेंच पर बुधवार को सबसे ज्यादा भीड़ देखने को मिली, जहां महिलाएं मेहंदी लगवाने के लिए घंटों इंतजार करती रहीं।
शिमला का रिज मैदान, माल रोड और लोअर बाजार करवाचौथ के रंगों से सज चुके हैं। हर ओर खुशियों का माहौल है और महिलाएं पारंपरिक परिधानों में सज-धज कर इस पवित्र पर्व की तैयारी में जुटी हैं।



