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35 साल में सोना हुआ लैंड रोवर जितना महंगा, जानिए कीमतों का पूरा सफर

35 साल में सोने की कीमतों में रिकॉर्ड उछाल, एक किलो सोना हुआ Land Rover जितना महंगा
दिल्ली में 24 कैरेट सोना 1,29,580 रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंचा
वैश्विक अस्थिरता और बैंकों की भारी खरीद से बढ़ी चमक


नई दिल्ली। वैश्विक बाजार में जारी उथल-पुथल और निवेशकों के भरोसे के चलते सोने की कीमतों में ऐतिहासिक उछाल दर्ज हुआ है। दिल्ली के सराफा बाजार में 24 कैरेट सोने का भाव 1,29,580 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया है। यह अब तक का सर्वोच्च स्तर माना जा रहा है।

दिल्ली सराफा बाजार के थोक कारोबारी विमल गोयल के अनुसार, लगातार बढ़ती कीमतों के बावजूद सोने की खरीदारी थमी नहीं है, बल्कि सिक्कों और बार (छड़) की बिक्री में वृद्धि दर्ज हुई है। हालांकि, जेवराती सोने की मांग में मामूली गिरावट आई है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि धनतेरस पर सोने की कीमतें 500 से 1000 रुपये तक ऊपर-नीचे रह सकती हैं।

वैश्विक उथल-पुथल का असर:
एलकेपी सिक्योरिटीज के वीपी जतिन त्रिवेदी का कहना है कि अमेरिका में शटडाउन की स्थिति, बांड रिटर्न में गिरावट, और राजनीतिक अस्थिरता के चलते सोने में तेजी का रुख बना हुआ है। रूस, फ्रांस, जापान, ईरान और इजरायल जैसे देशों में तनाव के कारण निवेशकों का रुझान सोने की ओर बढ़ा है।

व‌र्ल्ड गोल्ड काउंसिल की रिपोर्ट बताती है कि वर्ष 2024 में वैश्विक सोना उत्पादन 3,800 टन रहा, जबकि खपत 4,900 टन तक पहुंच गई। सेंट्रल बैंकों ने 1,089 टन सोना खरीदा, जिससे बाजार में मांग और बढ़ी। भारत में वार्षिक खपत लगभग 800 टन है, जो दुनिया में दूसरे नंबर पर है, जबकि भारत में सोने का उत्पादन लगभग नगण्य है।

35 साल में सोने की कीमतों का सफर:
मशहूर उद्योगपति हर्ष गोयनका ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व ट्विटर) पर बताया कि 1990 में एक किलो सोने की कीमत एक मारुति कार के बराबर थी, जबकि 2025 में एक किलो सोने की कीमत Land Rover जैसी लग्जरी कार के बराबर हो गई है। यानी अगर किसी ने 1990 में मारुति 800 के बजाय एक किलो सोना खरीदा होता, तो आज उसकी कीमत लैंड रोवर कार (80 लाख से 2.68 करोड़ रुपये) के बराबर होती।

वर्षवार सोने की कीमतें:
1990 – ₹3,200 प्रति 10 ग्राम
2000 – ₹4,400 प्रति 10 ग्राम
2005 – ₹7,000 प्रति 10 ग्राम
2010 – ₹18,500 प्रति 10 ग्राम
2025 – ₹1,29,580 प्रति 10 ग्राम