➤ 10 डिफाल्टरों पर होगी कार्रवाई
➤ गैर जमानती वारंट जारी करने की तैयारी
➤ 138 करोड़ की रिकवरी को लेकर बड़ा अभियान
बघाट बैंक ऋण मामले में डिफाल्टरों पर अब शिकंजा और कसने वाला है। सहायक पंजीयक सहकारी समिति सोलन ने ऐसे 10 बड़े डिफाल्टरों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करने की तैयारी पूरी कर ली है। बताया गया है कि इन डिफाल्टरों पर 10 से 12 करोड़ रुपये तक की राशि फंसी हुई है और यह बैंक को कोई सहयोग नहीं दे रहे हैं। ऐसे में अब इनकी कभी भी गिरफ्तारी हो सकती है।
शुक्रवार को सहायक पंजीयक गिरीश नड्डा ने डिफाल्टरों की फाइलों की जांच प्रक्रिया शुरू कर दी। इस दौरान 16 डिफाल्टरों को शॉर्ट लिस्ट किया गया है। यह सभी बड़े बकायेदार हैं और काफी समय से बैंक की रकम लौटाने से बच रहे हैं।
इससे पहले पहली गिरफ्तारी भी हो चुकी है, जिसमें आरोपी के पास 2.10 करोड़ रुपये फंसे थे। गिरफ्तारी के बाद आरोपी ने मौके पर 10 लाख रुपये का भुगतान किया और तीन माह में पूरी राशि लौटाने का आश्वासन दिया, जिसके बाद गिरफ्तारी रद्द कर दी गई थी। इसके अलावा समिति की ओर से 12 डिफाल्टरों के खिलाफ वारंट और चार गाड़ियों जब्त करने के आदेश भी जारी किए जा चुके हैं।
बैंक में कुल 138 करोड़ रुपये एनपीए की रिकवरी होनी है और इसी वजह से आरबीआई ने पिछले दिनों बैंक पर कैपिंग लगा दी थी। अब 80 हजार खाताधारकों को छह माह तक केवल 10 हजार रुपये ही निकालने की अनुमति है, जिससे उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ गई है। बैंक की 10 शाखाएं और 2 सर्विस सेंटर प्रदेश में कार्यरत हैं।
अगर जल्द रिकवरी नहीं हुई तो बैंक की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। विभाग आने वाले दिनों में कई और गिरफ्तारियां करने की तैयारी में है।



