➤ ढाका महिला कबड्डी विश्वकप में सूबे की 7 बेटियां संभावित चयन
➤ 25 में से 7 हिमाचल की खिलाड़ी फाइनल कैंप में शामिल
➤ 12 नवंबर को टीम चयन, 15 से 25 नवंबर तक टूर्नामेंट
भारतीय महिला कबड्डी टीम इस बार अपने सफर की शुरुआत ढाका से करने जा रही है, और इस मिशन में हिमाचल प्रदेश का योगदान शानदार रहने वाला है। बांग्लादेश के ढाका में होने वाले महिला कबड्डी विश्वकप में भारत की ओर से सूबे की सात बेटियों के खेलने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है। देशभर से कुल 25 खिलाड़ियों को फाइनल कोचिंग कैंप का निमंत्रण मिला है और इन्हीं में से अंतिम भारतीय टीम चुनी जाएगी। चयन प्रक्रिया बेहद कड़ी होगी, लेकिन यह संकेत मिल रहे हैं कि कम से कम पांच से छह खिलाड़ी हिमाचल की टीम में जगह पक्का कर सकती हैं।
यह फाइनल कोचिंग कैंप गुजरात के गांधीनगर में आयोजित किया गया है, जहां सभी खिलाड़ी पहुंच चुकी हैं। चयनकर्ता टीम के प्रदर्शन का बारीकी से आंकलन करेंगे और 12 नवंबर को भारत की अंतिम विश्वकप टीम घोषित कर दी जाएगी। इसके बाद टीम बांग्लादेश रवाना होगी और 15 से 25 नवंबर तक ढाका में खेले जाने वाले कबड्डी विश्वकप में देश का प्रतिनिधित्व करेगी।
इनमें शामिल हिमाचल की चार खिलाड़ी धौलाधार की गोद में बसे धर्मशाला स्थित भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में अभ्यास करती हैं। इनका नाम है पुष्पा, ज्योति, चंपा और भावना। वहीं साक्षी शर्मा, निधि शर्मा और रितू नेगी अन्य राज्यों व बोर्डों से कबड्डी खेल रही हैं, लेकिन मूल रूप से हिमाचल प्रदेश की बेटियां हैं।
इन खिलाड़ियों ने अपने खेल कौशल और मजबूत मानसिकता से चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा है। भारतीय खेल प्राधिकरण की कबड्डी कोच व पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी पूजा ठाकुर ने कहा कि यह प्रदेश के लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने उम्मीद जताई कि ये सभी सात खिलाड़ी भारतीय टीम में शामिल होकर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए देश और प्रदेश का नाम रोशन करेंगी।



