➤ सास की मौत का सदमा बहू नहीं सह सकी, रास्ते में दम तोड़ा
➤ इलाके में शोक की लहर, दोनों जगह एक साथ अंतिम संस्कार
कांगड़ा — हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में मंगलवार का दिन दो परिवारों के लिए बेहद हृदयविदारक बन गया। विधानसभा क्षेत्र सुलह के अंतर्गत पंचायत सलोह के कथियाड़ा गांव में एक बुजुर्ग दंपती ने एक ही दिन इस संसार को अलविदा कह दिया। दूसरी तरफ आशापुरी पंचायत के रोपड़ी गांव में सास की मौत का सदमा बहू सहन नहीं कर पाई और उसने भी अपने प्राण त्याग दिए। दोनों घटनाओं से इलाके में गहरा शोक व्याप्त है।
कथियाड़ा गांव में ब्राह्मी देवी (78) पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रही थीं। मंगलवार सुबह लगभग 4:30 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। उनका अंतिम संस्कार दोपहर को किया गया। परिवार इस दुख से उबर भी नहीं पाया था कि शाम लगभग 7:30 बजे उनके पति बेलू राम (90) का भी निधन हो गया। वह भी लंबे समय से बीमार चल रहे थे।
एक ही दिन में घर के दो बुजुर्ग स्तंभों के चले जाने से परिवार पर दुहरा दुख टूट पड़ा। ग्रामीण भी इस घटना से स्तब्ध हैं। बेलू राम और ब्राह्मी देवी पीछे तीन बेटे और एक बेटी को छोड़ गए हैं। बेलू राम का अंतिम संस्कार बुधवार को किया जाएगा।
उधर, लंबागांव खंड के रोपड़ी गांव में मकोड़ी देवी (85) पत्नी सर्वदयाल का मंगलवार को निधन हो गया। सास की मौत की सूचना मिलते ही उनकी बहू रेखा देवी (55) भावनात्मक सदमे में आ गईं और उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। परिजन अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उनका निधन हो गया।
रेखा देवी के पति ओंकार मिस्त्री का काम करते हैं और दोनों बेटे घर से बाहर रोजगार करते हैं। सास-बहू का इस तरह एक साथ दुनिया छोड़ जाना क्षेत्र में गहरी संवेदना छोड़ गया है। बुधवार को दोनों का अंतिम संस्कार एक साथ गांव के श्मशानघाट पर किया जाएगा।
दोनों घटनाओं ने समझा दिया है कि कभी-कभी संबंधों का भावनात्मक जुड़ाव इतना गहरा होता है कि एक के जाने का दुख दूसरे को भी साथ ले जाता है।



