➤ शिमला जिला अदालत ने वक्फ बोर्ड और मस्जिद कमेटी की याचिकाएं खारिज कीं
➤ नगर निगम आयुक्त के फैसले को अदालत ने माना सही
➤ संजौली मस्जिद में हुआ निर्माण अवैध घोषित, गिराने के आदेश बरकरार
शिमला। जिला अदालत शिमला ने वक्फ बोर्ड और संजौली मस्जिद कमेटी की याचिकाओं को खारिज करते हुए नगर निगम आयुक्त की अदालत के फैसले को सही ठहराया है। अदालत ने स्पष्ट कहा कि मस्जिद परिसर में जो निर्माण कार्य हुआ है, वह पूर्ण रूप से अवैध है और इसे गिराने के आदेश सही व वैध हैं।
जानकारी के अनुसार, 5 अक्टूबर 2024 और 3 मई 2025 को नगर निगम आयुक्त की अदालत ने मस्जिद में हुए निर्माण को अवैध करार देते हुए उसे ध्वस्त करने के आदेश दिए थे। इस आदेश के खिलाफ वक्फ बोर्ड और संजौली मस्जिद कमेटी ने जिला अदालत में अपील दायर की थी, जिसे अब अदालत ने रद्द कर दिया है।
अदालत ने यह भी कहा कि नगर निगम के पास निर्माण नियंत्रण का पूरा अधिकार है और धार्मिक स्थल होने के बावजूद बिना अनुमति निर्माण करना कानून का उल्लंघन है। इस फैसले के बाद अब संजौली मस्जिद परिसर में अवैध निर्माण को हटाने की प्रक्रिया तेज हो सकती है।
नगर निगम प्रशासन ने भी संकेत दिए हैं कि अदालत के आदेश के अनुसार कार्रवाई जल्द शुरू की जाएगी। वहीं, इस फैसले के बाद स्थानीय स्तर पर मामले को लेकर चर्चा और प्रतिक्रिया भी तेज हो गई है।



