➤ श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी पर्व पर राज्यपाल ने रिज मैदान शिमला में शीश नवाया
➤ राज्यपाल बोले – गुरु जी का जीवन मानवता, सत्य और बलिदान का प्रतीक
➤ कार्यक्रम में जयराम ठाकुर, विक्रमादित्य सिंह, प्रतिभा सिंह समेत कई गणमान्य उपस्थित
शिमला। श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी पर्व के अवसर पर शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान में श्री गुरु सिंह सभा शिमला द्वारा राज्य स्तरीय समारोह आयोजित किया गया। इस पवित्र अवसर पर राज्यपाल ने पहुँचकर गुरु जी के चित्र के समक्ष शीश नवाया और उनके बलिदान, त्याग, तपस्या व मानवता की सेवा के संदेश को नमन किया।
राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा कि गुरु तेग बहादुर जी का जीवन हमें यह सिखाता है कि धर्म केवल पूजा का नहीं, बल्कि मानवता की रक्षा का मार्ग है। उन्होंने कहा कि गुरु जी ने संपूर्ण मानवता के अधिकारों की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर किए और यह सिद्ध किया कि सत्य और न्याय की रक्षा के लिए किया गया बलिदान कभी व्यर्थ नहीं जाता।
उन्होंने कहा कि गुरु जी का संदेश किसी एक धर्म या समुदाय तक सीमित नहीं, बल्कि संपूर्ण मानवता के लिए प्रेरणा का स्रोत है। आज जब इस पवित्र अवसर पर विभिन्न धर्मों के लोग एकत्र हैं, तो यह भारत की एकता और भाईचारे की सुंदर झलक प्रस्तुत करता है।
राज्यपाल ने कहा कि जब समाज भय, असहिष्णुता या विभाजन का सामना करता है, तब गुरु तेग बहादुर जी की शिक्षा हमें साहस, करुणा और सेवा का मार्ग दिखाती है। धर्म की सच्ची साधना मानवता की सेवा और सत्य के मार्ग पर चलने में है। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे गुरु जी के आदर्शों को जीवन में उतारें, दूसरों की आस्था का सम्मान करें और एकता, सद्भाव व सेवा की भावना को आगे बढ़ाएँ।
इससे पूर्व, श्री गुरु सिंह सभा शिमला के अध्यक्ष जसविंद्र सिंह ने राज्यपाल को सम्मानित किया।
इस अवसर पर नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, सांसद सुरेश कश्यप, पूर्व सांसद व कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष प्रतिभा सिंह, महापौर सुरेंद्र चौहान, विधायक हरीश जनारथा, विधायक हरदीप सिंह बावा, शिरोमणी गुरुद्वारा प्रबंधक समिति के सदस्य दलजीत सिंह भिंडर सहित बड़ी



