➤ स्वच्छता पोस्टर पर भगवान राम की तस्वीर से विवाद गहराया, FIR के बाद बढ़ा तनाव
➤ देवभूमि संघर्ष समिति ने दी चेतावनी, कहा अगर कार्रवाई नहीं हुई तो करेंगे चक्का जाम
➤ हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करने की तैयारी, देवी-देवताओं के चित्रों के दुरुपयोग पर रोक की मांग
स्वच्छता पोस्टर पर भगवान राम की तस्वीर लगाए जाने को लेकर छिड़ा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। यह विवाद अब और गहराता जा रहा है। देवभूमि संघर्ष समिति ने इस मामले में पुलिस और प्रशासन पर धीमी कार्रवाई का आरोप लगाते हुए चक्का जाम की चेतावनी दी है। समिति ने कहा कि यदि पुलिस ने शीघ्र कार्रवाई नहीं की, तो वे शिमला शहर को बंद कर विरोध प्रदर्शन करेंगे।
देवभूमि संघर्ष समिति ने यह भी ऐलान किया है कि वह हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में याचिका दायर करेगी। याचिका में मांग की जाएगी कि भविष्य में स्वच्छता या किसी अन्य सरकारी प्रचार सामग्री में देवी-देवताओं की तस्वीरों का उपयोग प्रतिबंधित किया जाए। समिति का कहना है कि धार्मिक भावनाओं से जुड़े चित्रों का इस तरह के अभियानों में उपयोग हिंदू समाज की आस्था का अपमान है।
गौरतलब है कि 1 नवंबर को छोटा शिमला पुलिस थाने में देवभूमि संघर्ष समिति ने शिकायत दर्ज कराई थी कि स्वच्छता पोस्टर पर भगवान राम की तस्वीर लगाई गई है। इस पर पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की थी और नगर निगम शिमला को नोटिस जारी किया था।
हालांकि, नगर निगम की ओर से अभी तक पुलिस के नोटिस का कोई जवाब नहीं दिया गया है। इस बीच, शिमला के मेयर सुरेंद्र चौहान ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि यह केंद्र सरकार का पोस्टर है, न कि नगर निगम द्वारा जारी किया गया।
देवभूमि संघर्ष समिति के सह संयोजक विजय शर्मा और मदन ठाकुर ने कहा कि यह मामला आस्था से जुड़ा हुआ है और इसमें किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि अगर प्रशासन ने जल्द कार्रवाई नहीं की, तो समिति जन आंदोलन का रास्ता अपनाने को बाध्य होगी।



