➤ अब हिमाचल के सभी कॉलेज प्राध्यापकों को मोबाइल एप से ही हाजिरी अनिवार्य
➤ फोन न चलने पर सहकर्मी के मोबाइल से भी दर्ज होगी उपस्थिति
➤ विभाग का दावा—डाटा सुरक्षित, निजता का हनन नहीं
हिमाचल प्रदेश के राजकीय कॉलेज प्राध्यापकों के लिए अब मोबाइल एप के माध्यम से हाजिरी अनिवार्य कर दी गई है। उच्च शिक्षा निदेशालय ने जियोफेंस आधारित बायोमैट्रिक अटेंडेंस सिस्टम को लागू करने पर उठे सवालों के बाद विस्तृत स्पष्टीकरण जारी किया है।
निदेशालय के अनुसार, एप के न चलने, फोन खो जाने या खराब होने की स्थिति में प्राध्यापक किसी भी सहकर्मी के मोबाइल से अपनी हिम एक्सेस आईडी और पासवर्ड डालकर उपस्थिति दर्ज कर सकेंगे।
डिजिटल टेक्नोलॉजी एवं गवर्नेंस विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्राध्यापकों की बायोमैट्रिक पहचान केवल आधार प्रमाणीकरण के लिए इस्तेमाल होगी और इसका कोई अन्य प्रयोग नहीं किया जाएगा। पूरा रिकॉर्ड हिमाचल प्रदेश स्टेट डाटा सेंटर में सुरक्षित रहेगा।
राजकीय प्राध्यापक संघ ने मोबाइल एप से हाजिरी लगाने का विरोध जताया था और इसे निजता का हनन बताते हुए ज्ञापन भेजे थे। इसके जवाब में विभाग ने कहा है कि प्रणाली आधार अधिनियम, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और डाटा सुरक्षा मानकों के अनुरूप है, इसलिए दुरुपयोग या डाटा लीक का खतरा नहीं है।
एप एंड्रायड और आईओएस दोनों प्लेटफार्मों पर उपलब्ध है और सभी कॉलेज प्रिंसिपलों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं कि वे इन स्पष्टीकरणों को शिक्षकों तक पहुंचाएं तथा सरकारी निर्देशों का पूर्ण पालन सुनिश्चित करें।



