➤ शिपकी-ला दर्रे से चीन के साथ व्यापार को विदेश मंत्रालय की मंजूरी
➤ जून से व्यापार शुरू होने की संभावना, किन्नौर प्रशासन ने तेज की तैयारियां
➤ केवल सत्यापित व्यापारियों को मिलेगा पास, सुरक्षा और कस्टम्स पर कड़ी निगरानी
किन्नौर जिले के पूह खंड में स्थित शिपकी-ला दर्रे से चीन के साथ व्यापार के लिए विदेश मंत्रालय ने मंजूरी दे दी है। केंद्र सरकार से स्वीकृति मिलने के बाद अब अगले वर्ष जून से शिपकी-ला मार्ग के जरिए भारत-चीन व्यापार शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है।
मंजूरी के बाद किन्नौर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। सोमवार को उपायुक्त डॉ. अमित कुमार शर्मा की अध्यक्षता में शिपकी-ला व्यापार प्राधिकरण से जुड़े विभागों और हितधारकों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में शिपकी-ला–नमगिया क्षेत्र में सड़क संपर्क, सुरक्षा व्यवस्था, सीमा शुल्क, चिकित्सा एवं आपात सेवाएं, व्यापारियों का पंजीकरण और विभागीय समन्वय जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा की गई।
बैठक में निर्णय लिया गया कि व्यापारियों का पंजीकरण और अन्य औपचारिकताएं जल्द पूरी की जाएंगी। उपायुक्त ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी भारत-तिब्बत सीमा पुलिस और स्थानीय पुलिस संयुक्त रूप से करेगी। व्यापारियों का पंजीकरण तहसीलदार पूह द्वारा किया जाएगा और केवल सत्यापित एवं अनुमोदित व्यापारियों को ही व्यापार पास जारी होंगे।
पंजीकरण के लिए पहचान पत्र, निवास प्रमाण पत्र, पूर्व व्यापार रिकॉर्ड (यदि उपलब्ध हो) और पासपोर्ट साइज फोटो अनिवार्य होंगे। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि आयात-निर्यात केवल भारत सरकार द्वारा अधिसूचित वस्तुओं तक ही सीमित रहेगा। अधिसूचित सूची से बाहर की किसी भी वस्तु का लेन-देन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
सीमा शुल्क विभाग की ओर से स्थानीय सीमा शुल्क स्टेशन शिपकी-ला पर आवश्यक स्टाफ की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी। सीमा पर आने-जाने वाले माल की गहन जांच की जाएगी और अधिसूचित वस्तुओं की सूची का व्यापक प्रचार किया जाएगा।



