➤ मैदानी इलाकों में घना कोहरा, विजिबिलिटी 50 मीटर तक गिरी
➤ तीन दिन तक सुबह 10 बजे तक यलो अलर्ट जारी
➤ न्यूनतम तापमान में तेज गिरावट, रातें ज्यादा ठंडी
हिमाचल प्रदेश के मैदानी इलाकों में बुधवार सुबह घना कोहरा छाया रहा, जिससे कई स्थानों पर दृश्यता 50 मीटर तक सिमट गई। सोलन के बद्दी, बिलासपुर, मंडी, ऊना, हमीरपुर और पांवटा साहिब में कोहरे का सबसे ज्यादा असर देखा गया। बद्दी, भाखड़ा बांध के आसपास और बल्ह घाटी में दृश्यता कई जगह इससे भी नीचे चली गई।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने अगले तीन दिन के लिए देर रात से सुबह 10 बजे तक मैदानी इलाकों में घने कोहरे का यलो अलर्ट जारी किया है। विभाग ने वाहन चालकों को कम गति रखने, फॉग लाइट का इस्तेमाल करने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।
कोहरे के कारण ठंड में इजाफा दर्ज किया गया है। सुबह-शाम और रात के समय मैदानी इलाकों में ठंड अधिक महसूस की जा रही है। बीती रात न्यूनतम तापमान में कई स्थानों पर 3 से 4 डिग्री तक गिरावट आई। सोलन, पालमपुर और शिमला के जुब्बड़हट्टी में पारा तेजी से नीचे गया।
शिमला का न्यूनतम तापमान 9.8 डिग्री से गिरकर 6.5 डिग्री पहुंच गया, फिर भी कई मैदानी इलाकों की रातें शिमला से ज्यादा ठंडी रहीं। मंडी के सुंदरनगर में 4.9, कुल्लू के भुंतर में 3.2, सोलन में 2.4, मनाली में 2.3 और कांगड़ा में 6.0 डिग्री न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया।
ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी ठंड का असर बढ़ा है। किन्नौर के कल्पा में न्यूनतम तापमान माइनस 0.6, लाहौल स्पीति के कुकुमसैरी में माइनस 6.2 और ताबो में माइनस 4.7 डिग्री तक गिर गया। कुफरी का पारा 5.5, नारकंडा 3.8 और रिकांगपियो 1.6 डिग्री पर रहा।
लंबे ड्राइ स्पेल के चलते दिन का तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया गया है। प्रदेश के कई शहरों में अधिकतम तापमान सामान्य से 4 से 6 डिग्री तक ऊपर चला गया। कल्पा में अधिकतम तापमान 14.3 डिग्री पहुंचा, जो सामान्य से 6.3 डिग्री अधिक है।
मौसम विभाग के अनुसार, जब तक पहाड़ों में अच्छी बारिश या बर्फबारी नहीं होती, तब तक कोहरा परेशान करता रहेगा। हालांकि 28 और 29 दिसंबर को उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी के आसार बन रहे हैं, जबकि ज्यादातर इलाकों में मौसम साफ रहने का अनुमान है।



