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CWC के बाद हाईकमान से मिले सीएम सुक्खू, संगठन पर मंथन

➤ दिल्ली में CWC बैठक में शामिल हुए सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू
➤ मनरेगा का नाम बदलकर ‘जी राम जी’ करने के खिलाफ कांग्रेस का देशव्यापी आंदोलन
➤ 5 जनवरी से सड़कों पर उतरेगी कांग्रेस, जिला अध्यक्षों की नियुक्ति पर भी चर्चा


हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू शनिवार को दिल्ली स्थित इंदिरा भवन में आयोजित कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक में शामिल हुए। बैठक में केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा का नाम बदलकर ‘जी राम जी’ किए जाने के मुद्दे पर कांग्रेस ने कड़ा रुख अपनाया और इसके खिलाफ देशव्यापी आंदोलन की रणनीति बनाई।

CWC बैठक में हिमाचल कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह भी मौजूद रहीं। कांग्रेस ने साफ किया कि 5 जनवरी से पूरे देश में विरोध अभियान चलाया जाएगा और इस मुद्दे को सड़कों तक ले जाया जाएगा।

CWC के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि प्रधानमंत्री को गांधी सरनेम से दिक्कत है, इसी कारण मनरेगा का नाम बदला गया। वहीं राहुल गांधी ने इस फैसले को वन मैन शो करार देते हुए कहा कि यह निर्णय कैबिनेट और राज्यों से बिना परामर्श के लिया गया है।

राहुल गांधी ने कहा कि मनरेगा सिर्फ योजना नहीं, बल्कि अधिकार आधारित व्यवस्था थी, जिससे करोड़ों ग्रामीणों को न्यूनतम आय मिलती थी। मनरेगा को खत्म करना राइट बेस्ड कॉन्सेप्ट पर सीधा हमला है, जिसका नुकसान ग्रामीण भारत को होगा।

कांग्रेस का विरोध उस नए कानून को लेकर है, जो विकसित भारत–रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) विधेयक के रूप में शीतकालीन सत्र में पारित हुआ है। इस कानून में ग्रामीण परिवारों को 125 दिन के रोजगार की गारंटी दी गई है, लेकिन फंडिंग का अनुपात 60:40 रखा गया है, जबकि मनरेगा में केंद्र की हिस्सेदारी 90 प्रतिशत थी।

CWC बैठक के बाद सीएम सुक्खू ने हिमाचल कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल और केसी वेणुगोपाल से मुलाकात की। इस दौरान जिला अध्यक्षों की नियुक्ति पर चर्चा हुई। सूत्रों के अनुसार, हाईकमान इस बार नियुक्तियों में परफॉर्मेंस, सामाजिक संतुलन और गुटबाजी से दूरी को प्रमुख आधार बना सकता है।