➤ वाहनों की फिटनेस जांच होगी पूरी तरह स्वचालित
➤ प्रदूषण नियंत्रण और समय की बचत पर रहेगा फोकस
➤ 63 बीघा भूमि पर बन रहा आधुनिक प्रमाणीकरण केंद्र
सोलन जिला के औद्योगिक क्षेत्र बद्दी में वाहनों की फिटनेस जांच के लिए बन रहे ऑटोमैटिक टेस्टिंग एवं प्रमाणीकरण केंद्र का आज उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
उप मुख्यमंत्री ने बताया कि यह केंद्र करीब 20 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित किया जा रहा है और लगभग 63 बीघा भूमि पर इसका निर्माण किया जा रहा है। इस परियोजना से न केवल वाहनों की फिटनेस जांच आसान होगी, बल्कि वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने में भी मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि केंद्र में जल्द ही आधुनिक मशीनरी की स्थापना का कार्य शुरू किया जाएगा, जिससे वाहन पासिंग की प्रक्रिया स्वचालित, पारदर्शी और तेज हो सकेगी।

उप मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि हमीरपुर के नादौन में परिवहन विभाग और ऊना के हरोली में हिमाचल पथ परिवहन निगम द्वारा भी ऐसे ही केंद्र बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा प्रदेश के अन्य हिस्सों में निजी संस्थानों द्वारा भी इस तरह के केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि इन केंद्रों का उद्देश्य समय और धन की बचत, कार्य में सुगमता और वाहन जांच प्रक्रिया को तकनीकी रूप से सशक्त बनाना है।
आधुनिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इन केंद्रों में ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल, ऑटोमैटिक टेस्टिंग सेंटर और स्क्रैपिंग यूनिट जैसी सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं।
उप मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि प्रदेश में 50 वर्ष पुरानी गाड़ियों को विंटेज श्रेणी में शामिल करने की कार्य योजना पर काम चल रहा है।
इस मौके पर दून विधायक राम कुमार चौधरी, नालागढ़ विधायक हरदीप सिंह बावा, नगर परिषद बद्दी के पूर्व अध्यक्ष सुरजीत चौधरी, बीबीएनडीए की सीईओ सोनाक्षी सिंह तोमर, एसडीएम बद्दी संजीव धीमान, डीएसपी बद्दी अशोक वर्मा, एचआरटीसी क्षेत्रीय प्रबंधक अखिल अग्निहोत्री सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।



