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दिल्ली से लौटे मुख्यमंत्री, जल्द बदलेगा मंत्रिमंडल! दिए संकेत

➤ दिल्ली से लौटकर केंद्र के सामने रखे हिमाचल के बड़े मुद्दे
➤ सेब ड्यूटी, 10 हजार करोड़ ग्रांट और 1500 करोड़ पैकेज पर चर्चा
➤ जल्द कैबिनेट विस्तार और फेरबदल के दिए संकेत


मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू दिल्ली दौरे से शिमला लौट आए हैं। राजधानी में उन्होंने कई केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात कर हिमाचल प्रदेश से जुड़े अहम मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। इन मुद्दों पर केंद्रीय मंत्रियों ने सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया है।

शिमला पहुंचने के बाद पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार के समक्ष सेब पर इम्पोर्ट ड्यूटी बढ़ाने, राज्य के लिए हर साल 10 हजार करोड़ रुपए की रेवेन्यू डेफिसिएट ग्रांट और प्रधानमंत्री द्वारा घोषित 1500 करोड़ रुपए के पैकेज को जल्द जारी करने जैसे विषय रखे गए हैं। इन सभी मांगों पर सकारात्मक रुख दिखाया गया है।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि OPS से UPS पर जाने के विषय में भी केंद्रीय मंत्रियों से चर्चा हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार ने OPS किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं दी है, बल्कि यह कर्मचारियों का अधिकार है। हालांकि इससे सरकार पर आर्थिक बोझ पड़ा है, लेकिन कर्मचारियों के हित सर्वोपरि हैं।

इसके अलावा GST से हिमाचल को हो रहे नुकसान का मुद्दा भी केंद्र के सामने रखा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के आर्थिक हितों की रक्षा के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है और केंद्र से सहयोग की अपेक्षा है।

दिल्ली प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से भी मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद उन्होंने संकेत दिए कि आने वाले समय में कैबिनेट विस्तार और फेरबदल किया जाएगा। मंत्रिमंडल में बदलाव को लेकर रणनीति तैयार की जा रही है।

इसी दौरान मुख्यमंत्री ने 9 जनवरी को शिमला से दिल्ली और गोवा भेजे गए Children of State कार्यक्रम के बच्चों से भी मुलाकात की। उन्होंने बच्चों के अनुभव सुने और कहा कि हिमाचल की संपदा पर 75 लाख जनता का पूरा अधिकार है, जो पहले कुछ चुनिंदा लोगों तक सीमित थी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने भ्रष्टाचार के चोर दरवाजे बंद कर सुखाश्रय जैसी योजनाओं के माध्यम से आम लोगों तक सरकारी संसाधन पहुंचाने का काम किया है। सरकार का फोकस पारदर्शिता और जनहित पर है।