➤ चलोंठी में निर्माणाधीन टनल के ऊपर सड़क 10–15 फीट धंसी, बाइपास पूरी तरह बंद
➤ गड्ढे में NHAI की ड्रिलिंग मशीन समाई, आसपास के घरों पर खतरे की आशंका
➤ दो सप्ताह पहले भी तीन मकान खाली कराए गए, क्वालिटी वर्क पर उठे सवाल
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के संजौली क्षेत्र के चलोंठी में निर्माणाधीन फोरलेन टनल के ऊपर सड़क अचानक 10 से 15 फीट तक धंस गई, जिससे ढली–संजौली बाइपास मार्ग को प्रशासन ने तुरंत प्रभाव से वाहनों के लिए बंद कर दिया है। सड़क के बीच बने इस बड़े गड्ढे में NHAI की ड्रिलिंग मशीन भी समा गई, जिससे हालात की गंभीरता और बढ़ गई है।
घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी दहशत है। सड़क के आसपास बसे घरों के लोगों को आशंका है कि यदि समय रहते स्थिति को नियंत्रित नहीं किया गया तो मकान भी ध्वस्त हो सकते हैं। रात के समय ही पुलिस ने ट्रैफिक रोककर क्षेत्र को सील कर दिया।
दो सप्ताह पहले भी इसी क्षेत्र में तीन मकानों को रातोंरात खाली कराया गया था, जब घरों के नीचे की मिट्टी धंसकर टनल के भीतर चली गई थी। उन मकानों में आई गहरी दरारें अब सड़क तक पहुंच चुकी हैं, जिससे खतरा और बढ़ गया है।
सिर्फ चलोंठी ही नहीं, बल्कि भट्टाकुफर क्षेत्र में भी इसी टनल निर्माण के कारण पहले सड़क धंसने की घटना सामने आ चुकी है। लगातार हो रही इन घटनाओं के बाद अब टनल निर्माण की क्वालिटी और तकनीकी मानकों पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, चंडीगढ़-ढली फोरलेन परियोजना के तहत भट्टाकुफर से चलोंठी तक करीब 2900 मीटर लंबी टनल बनाई जा रही है। टनल के दोनों छोर आपस में जुड़ चुके हैं, लेकिन इसके ऊपर की जमीन और रिहायशी क्षेत्र अब जोखिम की जद में आ गए हैं। स्थानीय लोग प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं।



