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अमेरिका-इजराइल का ईरान पर हमला, कई शहरों में धमाके:ईरान ने पलटवार कर 400 मिसाइलें दागी, सुप्रीम लीडर खामेनेई सुरक्षित जगह शिफ्ट

USS Abraham Lincoln से ईरान पर लड़ाकू विमानों और मिसाइलों से हमला
अमेरिका-इजरायल की संयुक्त कार्रवाई से पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर
ईरान ने जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी, वैश्विक चिंता बढ़ी


पश्चिम एशिया में एक बार फिर युद्ध जैसे हालात बन गए हैं। अमेरिकी नौसेना के विमानवाहक पोत USS Abraham Lincoln से जुड़े लड़ाकू विमानों और मिसाइलों के जरिए ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर बड़े हमले किए गए हैं। इन हमलों को अमेरिका और इजरायल की संयुक्त रणनीतिक कार्रवाई बताया जा रहा है। इस घटनाक्रम ने पूरे क्षेत्र में तनाव को चरम पर पहुंचा दिया है और वैश्विक समुदाय की चिंताएं बढ़ा दी हैं।

इजराइल ने शनिवार को ईरान के कई शहरों पर हमला कर दिया।

सूत्रों के अनुसार, हमलों में ईरान के सामरिक ठिकानों, मिसाइल भंडारण केंद्रों और रक्षा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया गया। अमेरिकी रक्षा तंत्र का कहना है कि यह कार्रवाई ईरान की बढ़ती सैन्य गतिविधियों और क्षेत्रीय सुरक्षा के खतरे को ध्यान में रखते हुए की गई है। वहीं इजरायल ने भी इसे अपनी सुरक्षा के लिए जरूरी कदम बताया है।

हमले के बाद ईरान की राजधानी तेहरान में आसमान में धुएं का गुबार उठता नजर आया।

USS Abraham Lincoln दुनिया के सबसे शक्तिशाली विमानवाहक पोतों में से एक है, जो एक साथ कई लड़ाकू विमानों को संचालित करने में सक्षम है। इस कैरियर स्ट्राइक ग्रुप में मिसाइल विध्वंसक जहाज और उन्नत रडार सिस्टम भी शामिल हैं। ऐसे में इस ऑपरेशन को अमेरिका की बड़ी सैन्य शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है।

तेहरान में रिहायशी इलाके के पास नजर आता धुंआ।

दूसरी ओर ईरान ने इस हमले की कड़ी निंदा की है। तेहरान की ओर से कहा गया है कि देश की संप्रभुता पर हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जवाबी कार्रवाई की जाएगी। ईरानी नेतृत्व ने क्षेत्र में तैनात अमेरिकी ठिकानों को भी चेतावनी दी है। इससे आशंका जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ सकते हैं।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की है। संयुक्त राष्ट्र सहित कई देशों ने इस टकराव को बड़े युद्ध में बदलने से रोकने की जरूरत पर जोर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तनाव और बढ़ता है तो इसका असर वैश्विक तेल बाजार, हवाई मार्गों और समुद्री व्यापार पर पड़ सकता है।

मौजूदा स्थिति तेजी से बदल रही है और आगे की घटनाएं इस क्षेत्र की भू-राजनीतिक दिशा तय कर सकती हैं। फिलहाल दुनिया की नजरें अमेरिका, इजरायल और ईरान के अगले कदम पर टिकी हैं।