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आईजीएमसी शिमला में एचपीवी टीकाकरण अभियान का शुभारंभ

आईजीएमसी शिमला में एचपीवी टीकाकरण राज्य अभियान का शुभारंभ
90 दिन में 64 हजार किशोरियों को टीका लगाने का लक्ष्य
स्वास्थ्य क्षेत्र में तीन हजार करोड़ बजट, मेडिकल कॉलेजों में रोबोटिक सर्जरी की तैयारी


प्रदेश में बेटियों को सर्वाइकल कैंसर से सुरक्षित करने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए शनिवार को इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज शिमला के अटल सभागार में एचपीवी टीकाकरण के राज्य स्तरीय अभियान का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। उनके साथ स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री कर्नल डॉ. धनी राम शाडिल, स्वास्थ्य सचिव एम सुधा और विधायक हरीश जनारथा भी उपस्थित रहे।

यह अभियान देशभर में एक साथ शुरू किया गया है। राष्ट्रीय स्तर पर इसकी शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान के अजमेर से की। राज्य स्तरीय समारोह में सिस्टर निवेदिता नर्सिंग कॉलेज आईजीएमसी, निजी नर्सिंग कॉलेजों की प्रशिक्षु परिचारिकाएं, एमबीबीएस छात्र, आंगनबाड़ी वर्कर और आशा वर्कर बड़ी संख्या में शामिल हुए।

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि 13 से 14 वर्ष आयु वर्ग की किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए एचपीवी टीका लगाया जाएगा। प्रदेश सरकार ने 90 दिनों के भीतर 64 हजार बेटियों का टीकाकरण करने का लक्ष्य तय किया है। उन्होंने कहा कि बेटियों का स्वास्थ्य और सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है और इस दिशा में हरसंभव संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

सीएम ने बताया कि प्रदेश में स्वास्थ्य क्षेत्र को सुदृढ़ करने के लिए तीन हजार करोड़ रुपये का बजट खर्च किया जा रहा है। पांच मेडिकल कॉलेजों में रोबोटिक सर्जरी सुविधा शुरू करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है, जिससे प्रदेशवासियों को उन्नत चिकित्सा सुविधाएं मिल सकें।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने अभिभावकों से अपील की कि वे आगे आकर अपनी बेटियों को एचपीवी टीका अवश्य लगवाएं, ताकि भविष्य में सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाव सुनिश्चित किया जा सके। विशेषज्ञों के अनुसार एचपीवी टीका किशोरियों के लिए सुरक्षित और प्रभावी है और यह कैंसर की रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

प्रदेश सरकार का यह अभियान न केवल स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में एक बड़ा कदम है, बल्कि यह महिलाओं के सशक्तिकरण और दीर्घकालिक स्वास्थ्य सुरक्षा की सोच को भी दर्शाता है।