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हिमाचल में कमर्शियल गैस सिलिंडर की रिफिलिंग बंद, घरेलू गैस सप्लाई को प्राथमिकता, होटल-ढाबों में बढ़ सकती है परेशानी

इस्राइल-ईरान युद्ध के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल 31% तक उछला
केंद्र ने रिफाइनरियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए
हिमाचल में कमर्शियल गैस सिलिंडरों की रिफिलिंग रोकी, घरेलू गैस को दी जा रही प्राथमिकता


पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और इस्राइल-ईरान युद्ध के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल देखने को मिला है। आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका के बीच सोमवार को कच्चे तेल की कीमतें करीब 31 फीसदी तक बढ़कर 120 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गईं, जो लगभग 45 महीने का उच्च स्तर है। हालांकि बाद में कीमतों में कुछ गिरावट दर्ज की गई।

सोमवार के शुरुआती कारोबार में ब्रेंट क्रूड की कीमत 29 फीसदी बढ़कर 119.50 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई। बाद में इसमें कुछ गिरावट आई और यह 105.46 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर बंद हुआ। वहीं वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड भी करीब 31.4 फीसदी बढ़कर 119.48 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया, जो बाद में 103.56 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। ईरान पर हमले के बाद से ब्रेंट क्रूड करीब 66 फीसदी और डब्ल्यूटीआई क्रूड लगभग 77 फीसदी महंगा हो चुका है।

बड़े तेल उत्पादक देशों से आपूर्ति में कटौती और शिपिंग में बाधा की आशंका के कारण वैश्विक बाजार में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। इसी बीच भारत में भी गैस आपूर्ति को लेकर एहतियाती कदम उठाए गए हैं।

केंद्र सरकार ने रिफाइनरियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए हैं ताकि घरेलू उपभोक्ताओं को गैस की आपूर्ति प्रभावित न हो। इसके साथ ही तेल कंपनियों ने कई क्षेत्रों में वाणिज्यिक गैस सिलिंडरों की आपूर्ति में कटौती शुरू कर दी है और घरेलू एलपीजी को प्राथमिकता दी जा रही है।

हिमाचल में भी गैस संकट के संकेत

इस वैश्विक स्थिति का असर हिमाचल प्रदेश में भी दिखने लगा है। सोमवार से गैस कंपनियों ने कमर्शियल सिलिंडरों की रिफिलिंग बंद कर दी है, जिसके कारण होटल, रेस्तरां और ढाबों में गैस की कमी की आशंका बढ़ गई है।

एलपीजी सेल्स के मैनेजर सौरभ के अनुसार फिलहाल गैस प्लांटों में केवल घरेलू सिलिंडरों की ही भराई की जा रही है, जबकि कमर्शियल सिलिंडरों की रिफिलिंग अस्थायी रूप से रोक दी गई है।

सरकार ने गैस एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि घरेलू उपयोग के सिलिंडरों को व्यावसायिक कामों में नहीं दिया जाएगा। ऐसा करने पर संबंधित एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सरकार का उद्देश्य घरेलू उपभोक्ताओं के लिए गैस की आपूर्ति को सुचारु बनाए रखना है।