➤ अरुणाचल प्रदेश में ड्यूटी के दौरान सेना का वाहन खाई में गिरने से नायब सूबेदार कुलवंत सिंह शहीद
➤ ऊना के सलोह गांव में सैन्य सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार, सैकड़ों लोगों ने दी श्रद्धांजलि
➤ उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री सहित प्रशासनिक अधिकारियों ने अर्पित की पुष्पांजलि
ऊना/हरोली। हिमाचल प्रदेश के जिला ऊना के हरोली विधानसभा क्षेत्र के सलोह गांव के रहने वाले भारतीय सेना के जांबाज सैनिक नायब सूबेदार कुलवंत सिंह को बुधवार को उनके पैतृक गांव में नम आंखों से अंतिम विदाई दी गई। जैसे ही सेना के वाहन से शहीद की पार्थिव देह गांव पहुंची, पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
शहीद के अंतिम दर्शन के लिए गांव और आसपास के क्षेत्रों से सैकड़ों लोग पहुंचे। “भारत माता की जय” और देशभक्ति के नारों के बीच लोगों ने अपने वीर सपूत को अंतिम सलामी दी। इसके बाद पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और सेना के अधिकारी शामिल हुए।
शहीद की अंतिम यात्रा पैतृक गांव से सलोह के मोक्षधाम तक पहुंची, जहां पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान उनके बड़े बेटे ने मुखाग्नि देकर पिता को अंतिम विदाई दी। इस भावुक पल में मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं।
उपमुख्यमंत्री ने दी श्रद्धांजलि
इस मौके पर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री भी श्रद्धांजलि देने पहुंचे। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश वीरों की भूमि है और यहां के जवान हमेशा देश की रक्षा के लिए अग्रिम पंक्ति में खड़े रहते हैं। उन्होंने कहा कि ऊना जिले का एक और लाल देश की रक्षा करते हुए शहीद हुआ है, जिस पर पूरे प्रदेश को गर्व है।
उन्होंने शहीद के परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार और प्रशासन हर परिस्थिति में परिवार के साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा के लिए प्राणों की आहुति देने वाले सैनिकों का बलिदान कभी व्यर्थ नहीं जाता और उनका त्याग आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति की प्रेरणा देता रहेगा।
इस अवसर पर उपायुक्त ऊना जतिन लाल, पुलिस अधीक्षक ऊना सचिन हिरमेठ, एसडीएम हरोली विशाल शर्मा, डीएसपी मोहन रावत, एसएचओ हरोली संदीप संख्यान, प्रोफेसर राम कुमार सहित सेना के अधिकारी, विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे। सभी ने पुष्पांजलि अर्पित कर शहीद को श्रद्धांजलि दी।
कैसे हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार 7 मार्च 2026 को भारतीय सेना का एक वाहन अरुणाचल प्रदेश के अपर सुबनसिरी जिले में भारत-चीन सीमा के पास ऑपरेशन स्नो लीपर्ड के तहत ड्यूटी पर था। यह वाहन गेलमो से टैक्सिंग की ओर जा रहा था।
इसी दौरान पहाड़ी रास्ते पर वाहन अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर गया। इस हादसे में नायब सूबेदार कुलवंत सिंह और नाइक प्रदीप कुमार शर्मा शहीद हो गए, जबकि वाहन चालक अमरजीत गुज्जर को हल्की चोटें आईं। उन्हें फील्ड अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत खतरे से बाहर बताई गई।
परिवार में शोक
शहीद कुलवंत सिंह अपने पीछे पत्नी पूजा देवी, दो छोटे बेटे, माता और परिवार के अन्य सदस्यों को छोड़ गए हैं। उनके बड़े बेटे रोहिन चौधरी (करीब 13 वर्ष) और छोटे बेटे सूर्यांश चौधरी (करीब 10 वर्ष) हैं। उनकी माता मोहिंदर कौर और भाई सतवंत सिंह सहित पूरा परिवार इस गहरे दुख में डूबा हुआ है।
गांव के लोगों ने बताया कि कुलवंत सिंह बेहद मिलनसार और देशभक्त स्वभाव के व्यक्ति थे। जब भी वह छुट्टी पर गांव आते थे, तो युवाओं को सेना में भर्ती होने के लिए प्रेरित करते थे।
उनकी शहादत की खबर मिलते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। लोगों ने कहा कि कुलवंत सिंह का बलिदान हमेशा याद रखा जाएगा और उनका जीवन देशभक्ति की मिसाल बना रहेगा।



