➤ 40,461 करोड़ का सप्लीमेंट्री बजट ध्वनि मत से पारित
➤ 400 MBBS डॉक्टर और 100 असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती का ऐलान
➤ आउटसोर्स कर्मचारियों और वन कटान मुद्दे पर सदन में गरमाई बहस
शिमला: हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने गुरुवार को 40,461 करोड़ रुपए का सप्लीमेंट्री बजट पेश किया, जिसे सदन ने ध्वनि मत से पारित कर दिया। इसके साथ ही हिमाचल प्रदेश विनियोग विधेयक 2026 को भी मंजूरी मिल गई। इस बजट के पारित होने के बाद वित्त वर्ष 2025-26 के लिए राज्य का कुल बजट आकार बढ़कर करीब 98,975 करोड़ रुपए पहुंच गया है।
सप्लीमेंट्री बजट में सबसे बड़ा हिस्सा वेज एंड मींस और ओवरड्राफ्ट के लिए रखा गया है, जिसके तहत करीब 26,194 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। यह वह वित्तीय व्यवस्था है, जिसके तहत राज्य सरकार जरूरत पड़ने पर आरबीआई से अल्पकालिक ऋण ले सकती है।
मुख्यमंत्री ने सदन में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए कई बड़े ऐलान किए। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 400 MBBS डॉक्टरों की भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जिससे अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी दूर होगी। इसके अलावा 100 असिस्टेंट प्रोफेसर के पद भी भरे जाएंगे। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि अगले छह महीनों में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) में स्टाफ की कमी नहीं रहेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार प्रदेश को मेडिकल टूरिज्म हब के रूप में विकसित करने की दिशा में काम कर रही है। मेडिकल कॉलेजों में स्टाफ की कमी को दूर करने के लिए रेशनलाइजेशन किया जाएगा और सभी भर्तियां लिखित परीक्षा के माध्यम से की जाएंगी, ताकि सिफारिश की गुंजाइश खत्म हो सके।
इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने कहा कि स्टाफ नर्स और रेडियोलॉजिस्ट के खाली पद भी जल्द भरे जाएंगे। वहीं पशुपालन विभाग में पशु मित्रों की भर्ती का भी ऐलान किया गया, जिन्हें 5000 रुपए मासिक मानदेय दिया जाएगा और उनकी सेवाएं ठेकेदारों के अधीन नहीं होंगी।
सदन के दौरान आउटसोर्स कर्मचारियों का मुद्दा भी जोर-शोर से उठा। बीजेपी विधायक दीपराज द्वारा पूछे गए सवाल पर सरकार पूरी जानकारी नहीं दे पाई, जिस पर नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि आउटसोर्स एजेंसियां कांग्रेस नेताओं से जुड़ी हैं और नौकरी के नाम पर पैसे वसूले जा रहे हैं।
इस पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि यदि विपक्ष के पास कोई ठोस सबूत है तो सदन में पेश करें, अन्यथा झूठे आरोपों पर उनके खिलाफ प्रिविलेज मोशन लाया जाएगा।
विधानसभा सत्र से पहले विपक्ष ने शिलाई में अवैध पेड़ कटान के मुद्दे पर भी जोरदार प्रदर्शन किया। बीजेपी ने आरोप लगाया कि 25 पेड़ों की अनुमति के बावजूद 300 से अधिक पेड़ काटे गए हैं और राज्य में वन, ड्रग, खनन और शराब माफिया सक्रिय हैं।
प्रश्नकाल के बाद राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा जारी रही, जिसमें सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। कुल मिलाकर विधानसभा का यह दिन वित्तीय फैसलों और राजनीतिक टकराव दोनों के लिए अहम रहा।



