➤ आरएलए सोलन फर्जीवाड़े में पुलिस ने 6 आरोपियों को किया गिरफ्तार
➤ बिलासपुर का क्लर्क गौरव भारद्वाज मास्टरमाइंड, फर्जी आईडी से चलता था खेल
➤ करोड़ों के लेनदेन और एजेंट नेटवर्क की जांच के लिए एसआईटी सक्रिय
सोलन के क्षेत्रीय परिवहन एवं लाइसेंसिंग प्राधिकरण (आरएलए) में सामने आए बड़े फर्जीवाड़े मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो क्लर्कों और चार एजेंटों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में सोलन, बिलासपुर, मंडी, ऊना और कांगड़ा से जुड़े आरोपी शामिल हैं। जांच में सामने आया है कि बिलासपुर का क्लर्क गौरव भारद्वाज मुख्य आरोपी है, जिसने सोलन आरएलए की प्रणाली में फर्जी यूजर आईडी तैयार कर अवैध एंट्री और अप्रूवल का नेटवर्क खड़ा किया।
पुलिस जांच के अनुसार आरोपी ने आरएलए सोलन के एडमिन क्रेडेंशियल अवैध तरीके से हासिल कर वाहन पोर्टल में अनधिकृत प्रवेश किया। इसके बाद जितेंद्र और डॉ. पूनम के नाम से फर्जी यूजर आईडी बनाकर वाहन पंजीकरण, वेरिफिकेशन और अप्रूवल की प्रक्रियाओं को बिना वैधानिक नियमों के पूरा किया गया।
जांच में यह भी सामने आया कि वाहनों का निरीक्षण किए बिना ही पंजीकरण कर दिया गया, जबकि कई मामलों में लोडेड वेट बढ़ाना, ऑनर सीरियल नंबर बदलना, बैंक का नाम हटाना और स्वामित्व हस्तांतरण जैसी प्रक्रियाएं भी अवैध रूप से की गईं।
तकनीकी जांच में बड़ा खुलासा:
पुलिस ने आईपी लॉग्स, ओटीपी रिकॉर्ड्स और सीडीआर विश्लेषण के आधार पर साक्ष्य जुटाए। जांच में पाया गया कि यह पूरा खेल सरकारी नेटवर्क के बाहर के आईपी एड्रेस से ऑपरेट किया जा रहा था।
पुलिस के अनुसार गौरव ने इस अवैध काम के लिए एजेंटों का एक नेटवर्क तैयार किया था, जिसमें राजकुमार, विकास सिंह, जितेंद्र और अनिल जैसे नाम सामने आए हैं। ये एजेंट वाहन मालिकों से पैसे लेकर दस्तावेजों में हेराफेरी करवाते थे।
करोड़ों रुपये के लेनदेन का शक:
जांच एजेंसियों को आरोपी गौरव के खातों में विभिन्न व्यक्तियों और एजेंटों के माध्यम से करोड़ों रुपये के लेनदेन के संकेत मिले हैं। पुलिस अब वित्तीय ट्रेल और संभावित बड़े नेटवर्क की जांच कर रही है।
गिरफ्तार आरोपी:
- जितेंद्र ठाकुर (सोलन)
- अनिल कुमार (बिलासपुर)
- राज कुमार (ऊना)
- जितेंद्र कुमार (मंडी)
- नरेश कुमार (बिलासपुर)
- विकास सिंह उर्फ शालू (कांगड़ा)
आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
यह है पूरा मामला:
26 जनवरी 2026 को आरएलए सोलन की अधिकारी डॉ. पूनम बंसल ने एसपी के माध्यम से शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत में वाणिज्यिक वाहनों के पंजीकरण, वजन संशोधन और स्वामित्व हस्तांतरण में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया गया था। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर डीएसपी अशोक चौहान के नेतृत्व में एसआईटी गठित की।



