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जनता का हक छीना जा रहा है: सुक्खू

असम में भाजपा सरकार पर भ्रष्टाचार और जनअधिकारों को दबाने का आरोप
सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने राजीव भवन, गुवाहाटी में प्रेस वार्ता को किया संबोधित
कांग्रेस सरकार बनने पर जनता के संसाधनों पर पहला हक जनता का होगा: सुक्खू



असम की राजनीति में रविवार को उस समय सियासी हलचल तेज हो गई, जब हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने गुवाहाटी स्थित राजीव भवन में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। सुक्खू ने कहा कि असम की जनता इस समय दोहरी मार झेल रही है—एक तरफ भ्रष्टाचार और दूसरी तरफ जनता की आवाज को दबाने की कोशिश। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य के संसाधनों को कुछ चुनिंदा लोगों के हाथों में सौंपा जा रहा है, जबकि आम लोगों को उनके अधिकारों से दूर किया जा रहा है। यह बयान असम में कांग्रेस की राजनीतिक सक्रियता के बीच काफी अहम माना जा रहा है।

मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि सत्ता का उद्देश्य सेवा, जवाबदेही और जनकल्याण होना चाहिए, न कि संसाधनों की लूट। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हिमाचल प्रदेश में जनता के अधिकारों के लिए संघर्ष किया है और लोगों को उनका हक दिलाने का काम किया है। इसी मॉडल को असम में भी लागू करने की बात करते हुए उन्होंने कहा कि जिस दिन असम में कांग्रेस की सरकार बनेगी, उसी दिन से जनता के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जाएगी।

प्रेस वार्ता के दौरान सुक्खू ने भाजपा सरकार पर राज्य के संसाधनों के गलत उपयोग का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि असम के प्राकृतिक और आर्थिक संसाधनों पर पहला और अंतिम हक असम की जनता का होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जनता को डराने वाली नहीं, बल्कि भरोसा देने वाली सरकार की जरूरत है, जो उनके भविष्य को सुरक्षित और मजबूत बनाए।

सुक्खू ने हिमाचल का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां कांग्रेस सरकार ने पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ काम किया है और जनता के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि सत्ता का इस्तेमाल अपने लिए नहीं, बल्कि जनता के भविष्य को संवारने के लिए होना चाहिए। असम में कांग्रेस की संभावनाओं को लेकर उन्होंने विश्वास जताया कि इस बार जनता बदलाव के मूड में है।