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सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद हिमाचल में बिना TET शिक्षकों की सूची तलब

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बिना TET पास इन-सर्विस C&V शिक्षकों की सूची मांगी गई

शिक्षा विभाग ने सभी जिलों को एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए

31 अगस्त 2028 तक TET पास करना अनिवार्य, राज्य में करीब 8,700 शिक्षक प्रभावित हो सकते हैं


शिमला। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद हिमाचल प्रदेश शिक्षा विभाग हरकत में आ गया है। डायरेक्टोरेट ऑफ स्कूल एजुकेशन ने राज्य के सभी उपनिदेशक (प्रारंभिक शिक्षा) और स्कूल प्रमुखों को निर्देश जारी कर एक सप्ताह के भीतर उन इन-सर्विस C&V शिक्षकों की सूची भेजने को कहा है, जिन्होंने अभी तक टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (TET) पास नहीं किया है।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि सूची में संस्कृत, हिंदी, पंजाबी, उर्दू, ड्राइंग और संगीत विषयों के शिक्षकों का पूरा विवरण शामिल किया जाए। रिपोर्ट में शिक्षक का नाम, पद, नियुक्ति तिथि और अन्य आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के अंजुमन इशाअत-ए-तालीम ट्रस्ट बनाम महाराष्ट्र सरकार मामले में दिए गए फैसले के बाद की जा रही है। अदालत ने अपने आदेश में कहा है कि इन-सर्विस शिक्षकों के लिए भी TET पास करना अनिवार्य होगा। इसके लिए 31 अगस्त 2028 तक का समय निर्धारित किया गया है।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हिमाचल प्रदेश में करीब 8,700 ऐसे शिक्षक हैं जिन्होंने अभी तक TET उत्तीर्ण नहीं किया है। JBT और TGT शिक्षकों का डेटा पहले ही एकत्र किया जा चुका है, जबकि अब C&V शिक्षकों का पूरा रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार इन शिक्षकों के लिए हर वर्ष कम से कम दो बार TET परीक्षा आयोजित की जाएगी। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड, धर्मशाला इस परीक्षा का आयोजन करेगा, ताकि निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी पात्र शिक्षक परीक्षा उत्तीर्ण कर सकें।

गौरतलब है कि राइट टू एजुकेशन (RTE) एक्ट, 2009 लागू होने के बाद नई शिक्षक भर्तियों के लिए TET अनिवार्य किया गया था। अब सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के बाद यह व्यवस्था कार्यरत (इन-सर्विस) शिक्षकों पर भी लागू होगी।