➤ 6 जिलों में फ्लैश फ्लड और जलभराव की चेतावनी, लोगों को सतर्क रहने की सलाह
➤ शिमला में मकान की छत पर गिरा पेड़, कई इलाकों में भूस्खलन और पत्थर गिरने की घटनाएं
➤ आनी, बंजार और निरमंड के सभी शिक्षण संस्थानों में आज अवकाश घोषित
हिमाचल प्रदेश में मानसून एक बार फिर रौद्र रूप में नजर आ रहा है। मंगलवार देर रात से शुरू हुई मूसलाधार बारिश ने प्रदेश के कई हिस्सों में जनजीवन प्रभावित कर दिया है। शिमला में एक मकान की छत पर पेड़ गिर गया, जबकि मौसम विभाग (IMD) ने चंबा, कांगड़ा, मंडी, शिमला, सिरमौर और कुल्लू जिलों में अगले 24 घंटे के लिए फ्लैश फ्लड और जलभराव की चेतावनी जारी की है। हालात को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है।
प्रदेशभर में रात 12 बजे के बाद से लगातार हो रही बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव और सड़कें फिसलनभरी हो गई हैं। शिमला के ओल्ड बैरियर क्षेत्र में भारी बारिश के दौरान एक बड़ा पेड़ मकान की छत पर गिर गया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई। वहीं सर्कुलर रोड पर लिफ्ट के समीप पहाड़ी से पत्थर गिरने की घटनाएं भी सामने आई हैं, जिससे यातायात प्रभावित हुआ।
मौसम विभाग के अनुसार शिमला में 66.5 मिमी और कुफरी में 74.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले 24 घंटों के दौरान चंबा, कांगड़ा, मंडी, शिमला, सिरमौर और कुल्लू में अचानक बाढ़ और जलभराव की स्थिति बन सकती है। ऐसे में लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करने की सलाह दी गई है।
कुल्लू जिले में लगातार हो रही बारिश को देखते हुए डीसी कुल्लू ने आनी, बंजार और निरमंड उपमंडलों के सभी सरकारी और निजी शिक्षण संस्थानों में 22 जुलाई के लिए अवकाश घोषित कर दिया है। प्रशासन ने छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों से आदेशों का पालन करने की अपील की है।
मौसम विभाग ने कांगड़ा और मंडी जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं चंबा, कुल्लू, शिमला, सोलन और सिरमौर जिलों में येलो अलर्ट प्रभावी रहेगा। विभाग का अनुमान है कि बुधवार से वेस्टर्न डिस्टरबेंस कमजोर पड़ने लगेगा और 27 जुलाई तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश की तीव्रता कम हो सकती है। हालांकि कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने की संभावना बनी रहेगी।
मानसून सीजन के आंकड़ों पर नजर डालें तो 1 जून से 21 जुलाई के बीच प्रदेश में सामान्य से 14 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। इस अवधि में सामान्य रूप से 266.4 मिमी बारिश होती है, जबकि इस वर्ष अब तक 230.2 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई है।
जिलावार आंकड़ों के अनुसार हमीरपुर में 42 प्रतिशत, मंडी में 30 प्रतिशत, बिलासपुर में 27 प्रतिशत, कांगड़ा में 19 प्रतिशत और लाहौल-स्पीति में 42 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। इसके अलावा सिरमौर में 4 प्रतिशत और ऊना में 3 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई है।
लगातार हो रही बारिश का असर तापमान पर भी देखने को मिला है। चंबा का अधिकतम तापमान सामान्य से 11.1 डिग्री नीचे दर्ज किया गया। वहीं कांगड़ा में तापमान 7.1 डिग्री और भुंतर में 5.7 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया, जिससे प्रदेशभर में मौसम सुहावना हो गया है।



