➤ आर.एस. बाली बोले- देशभर के छात्रों के आंदोलन ने व्यवस्था को झकझोर दिया
➤ दिल्ली में छात्रों पर हुई कार्रवाई की आलोचना करते हुए युवाओं की एकजुटता को बताया ऐतिहासिक
➤ कहा- युवाओं की आवाज इतनी मजबूत हुई कि सरकार को बड़ा फैसला लेना पड़ा
नगरोटा, 25 जुलाई। एचपीटीडीसी के चेयरमैन एवं नगरोटा बगवां के विधायक आर.एस. बाली ने विकास पुरुष श्री जी.एस. बाली बाल मेला-2026 के अंतर्गत आयोजित रोजगार मेले में अपने संबोधन के दौरान NEET छात्र आंदोलन का उल्लेख करते हुए युवाओं की भूमिका को लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत बताया। उन्होंने कहा कि जब भी देश में परिवर्तन आया है, उसमें युवाओं और विद्यार्थियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है और इस बार भी छात्रों ने अपनी एकजुटता का परिचय दिया है।
आर.एस. बाली ने कहा कि पेपर लीक के बाद देशभर के लाखों छात्र अपने भविष्य की रक्षा और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे। उन्होंने कहा कि बंगाल, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, नई दिल्ली सहित देश के अनेक राज्यों में छात्रों ने लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद की और यह आंदोलन धीरे-धीरे राष्ट्रीय स्तर का जनआंदोलन बन गया।
अपने संबोधन में उन्होंने दावा किया कि दिल्ली में आंदोलन कर रहे छात्रों पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज, आंसू गैस और पानी की बौछारों का इस्तेमाल किया गया, जिससे कई छात्र घायल हुए। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं अपने खर्च पर, अपना सामान लेकर प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे थे। उनके अनुसार, परिवहन सेवाएं प्रभावित होने के बावजूद अनेक विद्यार्थी पैदल चलकर भी प्रदर्शन स्थल तक पहुंचे।
आर.एस. बाली ने कहा कि उन्होंने अपने सार्वजनिक जीवन में छात्रों के साथ ऐसा व्यवहार पहले कभी नहीं देखा। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं के साथ कठोरता बरती गई। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया और आम लोगों के बीच भी छात्रों के आंदोलन के प्रति व्यापक समर्थन देखने को मिला।
उन्होंने मुख्यधारा के कुछ मीडिया संस्थानों की आलोचना करते हुए कहा कि आंदोलन की वास्तविक तस्वीर सामने लाने में सोशल मीडिया और कुछ पत्रकारों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने उन पत्रकारों की सराहना की जिन्होंने घटनाओं को लोगों तक पहुंचाने का कार्य किया।
आर.एस. बाली ने अपने संबोधन में दावा किया कि युवाओं की एकजुटता और आंदोलन के दबाव के कारण सरकार को महत्वपूर्ण निर्णय लेने पड़े। उन्होंने कहा कि यह घटनाक्रम इस बात का प्रमाण है कि जब युवा संगठित होकर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखते हैं तो उनकी आवाज को अनदेखा नहीं किया जा सकता।
उन्होंने युवाओं से लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास बनाए रखने और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया। साथ ही कहा कि देश का भविष्य युवाओं के हाथ में है और सकारात्मक परिवर्तन की सबसे बड़ी शक्ति भी वही हैं।



