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धर्मशाला MLA सुधीर शर्मा पर विजिलेंस की FIR: आय से अधिक संपत्ति मामले में केस दर्ज, बैंक खाते-संपत्तियां जांच के घेरे में

भाजपा विधायक सुधीर शर्मा के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज
विजिलेंस ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत FIR दर्ज कर जांच शुरू की
बैंक खाते, निवेश, संपत्तियां और 300 भूमि रजिस्ट्रियां जांच के दायरे में


धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई के बीच धर्मशाला से भाजपा विधायक एवं पूर्व मंत्री सुधीर शर्मा के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति (Disproportionate Assets) मामले में विजिलेंस ने एफआईआर दर्ज की है। राज्य विजिलेंस एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने धर्मशाला थाना में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू कर दी है।

प्रारंभिक जांच के दौरान जुटाए गए दस्तावेजों और विभिन्न विभागों से मिली मूल्यांकन रिपोर्टों के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसियों ने विधायक की चल-अचल संपत्तियों, बैंक खातों, निवेश, आय के स्रोत और अन्य वित्तीय लेन-देन का प्रारंभिक परीक्षण किया था। इसके अलावा लोक निर्माण विभाग (PWD) सहित अन्य सरकारी एजेंसियों से आवासीय भवनों और अन्य परिसंपत्तियों का मूल्यांकन भी कराया गया।

अब विजिलेंस की जांच का फोकस संपत्तियों के अधिग्रहण की समयावधि, धन के स्रोत, बैंकिंग लेन-देन, निवेश और आयकर रिकॉर्ड के सत्यापन पर रहेगा। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विभागों, वित्तीय संस्थानों और अन्य व्यक्तियों से भी पूछताछ की जा सकती है।

300 भूमि रजिस्ट्रियां भी जांच के घेरे में

विजिलेंस पिछले कुछ समय से धर्मशाला और आसपास के क्षेत्रों में भूमि खरीद-फरोख्त के मामलों की भी जांच कर रही है। इसी क्रम में रक्कड़ निवासी नेक राम के नाम पर दर्ज करीब 300 भूमि रजिस्ट्रियों की प्रमाणित प्रतियां कब्जे में ली गई हैं। जांच एजेंसियां वर्ष 2007 से अब तक हुए भूमि लेन-देन का राजस्व रिकॉर्ड और वित्तीय दस्तावेजों से मिलान कर रही हैं।

राजनीतिक रंग भी लेने लगा मामला

विपक्ष के प्रमुख नेता के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद इस मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और विधायक सुधीर शर्मा के बीच लंबे समय से चले आ रहे राजनीतिक मतभेदों के चलते इस कार्रवाई को लेकर अलग-अलग राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। हालांकि, विजिलेंस अधिकारियों का कहना है कि कार्रवाई दस्तावेजों, उपलब्ध तथ्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर की गई है तथा जांच पूरी होने के बाद ही अंतिम निष्कर्ष सामने आएगा।

सुधीर शर्मा का पक्ष

सुधीर शर्मा के कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि विधायक इन दिनों दिल्ली दौरे पर हैं और लौटने के बाद इस मामले पर विस्तृत प्रतिक्रिया देंगे। कार्यालय ने कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध से प्रेरित बताया है। वहीं, सुधीर शर्मा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा कर मुख्यमंत्री पर राजनीतिक दुर्भावना से कार्रवाई कराने का आरोप लगाया है।