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चंबा में आस्था और संस्कृति का भव्य संगम: मुख्यमंत्री सुक्खू ने किया अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेले का समापन, रावी में किया मिंजर विसर्जन

मुख्यमंत्री सुक्खू ने पारंपरिक शोभायात्रा का किया नेतृत्व, अंतिम संध्‍या में गिप्‍पी ग्रेवाल ने मचाया धमाल
रावी नदी में मिंजर विसर्जित कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और अच्छी फसल की कामना की
लोक संस्कृति, देवी-देवताओं की झांकियों और हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में संपन्न हुआ ऐतिहासिक आयोजन


चंबा। ऐतिहासिक एवं अंतरराष्ट्रीय पहचान रखने वाले मिंजर मेले का रविवार को धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपराओं और उत्साहपूर्ण माहौल के बीच भव्य समापन हो गया। समापन समारोह में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने पारंपरिक शोभायात्रा का नेतृत्व करते हुए सदियों पुरानी परंपरा का निर्वहन किया। उन्होंने रावी नदी में विधिवत मिंजर विसर्जन कर प्रदेश, देश और किसानों की खुशहाली, शांति तथा अच्छी फसल की कामना की।

सुबह से ही चंबा शहर में मेले के अंतिम दिन को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला। अखंड चंडी पैलेस से शुरू हुई पारंपरिक शोभायात्रा मंजरी गार्डन तक निकाली गई। मुख्यमंत्री स्वयं इस शोभायात्रा में शामिल हुए और स्थानीय देवी-देवताओं की भव्य पालकियों के साथ श्रद्धापूर्वक पैदल चले। इस दौरान पूरा शहर पारंपरिक रंगों और लोक संस्कृति की अनुपम छटा से सराबोर नजर आया।

शोभायात्रा में विभिन्न क्षेत्रों से आए देवी-देवताओं की पालकियां, पारंपरिक वेशभूषा में सजे महिला-पुरुष, लोक कलाकार, सांस्कृतिक दल और पारंपरिक वाद्य यंत्र बजाते कलाकार आकर्षण का केंद्र रहे। ढोल, नगाड़ों और रणसिंघों की गूंज के बीच निकली शोभायात्रा ने चंबा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की अद्भुत झलक प्रस्तुत की। मेले में पहुंचे हजारों स्थानीय लोगों और पर्यटकों ने इस ऐतिहासिक आयोजन का आनंद लिया।

पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने लाल वस्त्र में बंधे नारियल, मौसमी फल, सिक्के और मिंजर को रावी नदी में अर्पित किया। मान्यता है कि इस धार्मिक परंपरा के माध्यम से अच्छी फसल, समृद्धि और प्राकृतिक आपदाओं से रक्षा की कामना की जाती है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश और देश में शांति, समृद्धि तथा किसानों की खुशहाली की प्रार्थना भी की।

समापन समारोह के दौरान पूरे शहर में उत्सव जैसा माहौल बना रहा। जगह-जगह श्रद्धालु और पर्यटक शोभायात्रा की तस्वीरें और वीडियो अपने कैमरों में कैद करते नजर आए। पारंपरिक लोकनृत्यों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने आयोजन को और भी आकर्षक बना दिया। हिमाचल प्रदेश पुलिस और होमगार्ड के जवान भी शोभायात्रा का हिस्सा बने और पूरे आयोजन को गरिमामय स्वरूप प्रदान किया।

इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया, राज्य योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष भवानी सिंह पठानिया, विधायक नीरज नैय्यर, जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुरजीत भरमौरी, एपीएमसी चंबा के अध्यक्ष ललित ठाकुर, कांग्रेस नेता यशवंत खन्ना, उपायुक्त मुकेश रेपसवाल, पुलिस अधीक्षक विजय कुमार सकलानी सहित कई जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।

करीब एक सप्ताह तक चले अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेले के दौरान खेल प्रतियोगिताएं, सांस्कृतिक संध्याएं, धार्मिक आयोजन, व्यापारिक गतिविधियां और लोक संस्कृति से जुड़े अनेक कार्यक्रम आयोजित किए गए। समापन समारोह के साथ ही एक बार फिर चंबा की हजारों वर्ष पुरानी सांस्कृतिक परंपरा और धार्मिक आस्था का भव्य स्वरूप दुनिया के सामने देखने को मिला।