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राखी पर रामदेव ने कंगना को भेजी मिठाई और रुपए, बोले- विवाद नहीं संवाद होना चाहिए; एक्ट्रेस ने कहा- भूल-चूक माफ

राखी पर रामदेव ने कंगना के लिए मिठाई और रुपए भेजे
बोले- पुराने गिले-शिकवे भूलकर विवाद खत्म करें, संवाद जरूरी
कंगना ने मिठाई और बड़े भाई का प्रेम स्वीकार कर कहा- ईश्वर आपको लंबी आयु दे


हरिद्वार। रक्षाबंधन के मौके पर योग गुरु बाबा रामदेव और अभिनेत्री-सांसद कंगना रनोट के बीच पिछले दिनों चर्चा में रहा विवाद अब नरम पड़ता नजर आया। राखी के त्योहार पर रामदेव ने कंगना के लिए मिठाई और उपहार भेजे। इसके साथ ही उन्होंने एक लिफाफे में 500 रुपये के नोटों की गड्डी भी भेजी।

रामदेव ने इस मौके पर रिश्तों में मिठास बनाए रखने और पुराने गिले-शिकवे भुलाकर आगे बढ़ने की बात कही। उन्होंने कहा कि किसी भी वजह से देश में लोगों के बीच नफरत और वैरभाव नहीं होना चाहिए। पिछले दिनों उनके और कंगना के बीच हुई बयानबाजी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि विवाद को बातचीत के जरिए खत्म किया जाना चाहिए।

राखी पर रामदेव ने भेजा मिठाई और उपहार

रक्षाबंधन के अवसर पर रामदेव ने कंगना के लिए मिठाई और उपहार भेजे। उन्होंने कंगना को अपनी छोटी बहन की तरह संबोधित करते हुए रिश्तों में प्रेम और अपनापन बनाए रखने का संदेश दिया।

रामदेव ने कहा कि त्योहार ऐसे अवसर होते हैं, जब पुराने गिले-शिकवे भुलाकर रिश्तों को फिर से बेहतर बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि समाज में किसी भी कारण से नफरत या एक-दूसरे के प्रति वैर भाव नहीं होना चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि पिछले दिनों उनके और कंगना के बीच विवाद की चर्चा हुई थी। ऐसे विवादों को बातचीत और संवाद के जरिए खत्म किया जाना चाहिए। रामदेव ने कहा कि वह कंगना को फोन करके रक्षाबंधन की शुभकामनाएं भी देंगे।

कंगना ने भी स्वीकार किया भाई का प्रेम

रामदेव का वीडियो सामने आने के बाद कंगना ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर इसे साझा किया। उन्होंने त्योहार के मौके पर पुरानी बातों को पीछे छोड़ने का संदेश दिया।

कंगना ने कहा कि त्योहार का दिन भूल-चूक माफ करने का होता है। उन्होंने रामदेव की उस बात का समर्थन किया, जिसमें उन्होंने विवाद की जगह संवाद की बात कही थी।

कंगना ने रामदेव की ओर से भेजी गई मिठाई और बड़े भाई का प्रेम स्वीकार करते हुए उन्हें धन्यवाद दिया। साथ ही उन्होंने उनके लिए लंबी आयु की कामना की।

इस तरह रक्षाबंधन के मौके पर दोनों की ओर से आए सकारात्मक संदेशों ने पिछले दिनों हुई तीखी बयानबाजी के बीच एक अलग तस्वीर पेश की है।

जेन-जी प्रदर्शनकारियों पर कंगना की टिप्पणी से शुरू हुआ था विवाद

रामदेव और कंगना के बीच विवाद की चर्चा उस समय तेज हुई थी, जब कंगना ने जेन-जी प्रदर्शनकारियों को लेकर टिप्पणी की थी। इसके बाद एक टीवी चैनल से बातचीत में रामदेव ने कंगना की टिप्पणी पर सवाल उठाए थे।

रामदेव ने कहा था कि किसी भी देश के युवाओं या जेन-जी को अपमानजनक शब्दों से संबोधित करना गलत है। उन्होंने इसे गलत मानसिकता का संकेत बताया था और कहा था कि संबंधित राजनीतिक दल के लोगों को भी इस तरह की टिप्पणियों पर संज्ञान लेना चाहिए।

रामदेव की इस टिप्पणी के बाद कंगना ने भी पलटवार किया था। दोनों की टिप्पणियों के बाद यह मामला सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया था।

अब रक्षाबंधन के मौके पर रामदेव की ओर से मिठाई और उपहार भेजने तथा कंगना की ओर से उन्हें स्वीकार करने के बाद दोनों के बीच रिश्तों को लेकर नया संदेश सामने आया है।

रामदेव बोले- रिश्तों में मिठास बनी रहनी चाहिए

रक्षाबंधन भाई-बहन के रिश्ते और आपसी प्रेम का त्योहार है। इसी संदर्भ में रामदेव ने कहा कि लोगों को पुराने विवादों को पकड़कर रखने के बजाय संवाद का रास्ता अपनाना चाहिए।

उनके संदेश का मूल भाव यही रहा कि मतभेद अपनी जगह हो सकते हैं, लेकिन उन्हें दुश्मनी में नहीं बदलना चाहिए। कंगना की ओर से भी इसी भावना के साथ जवाब दिए जाने के बाद सोशल मीडिया पर दोनों के बीच हुए इस संवाद की चर्चा होने लगी।

कृति सेनन के मामले में भी कंगना ने बदला रुख

इसी बीच कंगना का नाम अभिनेत्री कृति सेनन से जुड़े रक्षाबंधन विज्ञापन विवाद को लेकर भी चर्चा में रहा। कंगना ने हाल ही में अपने पहले के बयान पर अलग रुख सामने रखा।

एक कार्यक्रम में कंगना ने कहा कि कृति को अपनी पसंद के कपड़े पहनने की आजादी है और उन्हें कोई रोक नहीं रहा है। उन्होंने कहा कि किसे क्या पहनना है, यह उसकी अपनी पसंद का मामला है।

इससे पहले कंगना ने रक्षाबंधन के मौके पर कृति के विज्ञापन में पहने गए कपड़ों को लेकर सवाल उठाए थे। उनके उस बयान पर भी सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हुई थी।

रक्षाबंधन के दिन रामदेव और कंगना के बीच सामने आया यह संवाद इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि कुछ समय पहले दोनों के बीच सार्वजनिक रूप से तीखी बयानबाजी देखने को मिली थी। अब त्योहार के मौके पर विवाद की जगह संवाद और गिले-शिकवे भूलने का संदेश सामने आया है।