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परवाणू में फिर बारिश का कहर: सड़कें बनीं तालाब, टकसाल मार्ग बंद; शिमला रोड वन-वे

परवाणू में दो घंटे की तेज बारिश से जलभराव और भूस्खलन, कई जगह जनजीवन प्रभावित
टकसाल गांव का संपर्क मार्ग बंद, सेब मंडी के पास मलबा आने से शिमला मार्ग वन-वे
रेलवे ट्रैक पर भी गिरा मलबा, पीएम आवास के पास सुरक्षा डंगा क्षतिग्रस्त होने से बढ़ी चिंता


परवाणू (सोलन)। सोलन जिले के परवाणू क्षेत्र में रविवार को करीब दो घंटे हुई तेज बारिश ने एक बार फिर लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं। मूसलाधार बारिश के बाद क्षेत्र के कई हिस्सों में जलभराव और भूस्खलन की स्थिति पैदा हो गई। जगह-जगह सड़कों पर पानी और मलबा आने से यातायात प्रभावित हुआ, जबकि टकसाल गांव को जोड़ने वाला संपर्क मार्ग भी बंद हो गया। बारिश का असर सड़क से लेकर रेलवे ट्रैक और रिहायशी क्षेत्रों तक दिखाई दिया।

परवाणू के सेक्टर-2 में टकसाल रेलवे फाटक के पास हालात सबसे ज्यादा खराब नजर आए। यहां बारिश का पानी सड़क पर जमा हो गया। देखते ही देखते सड़क पर इतना पानी भर गया कि कई वाहन उसमें फंस गए। कुछ वाहन जलभराव में लगभग डूबे हुए दिखाई दिए। इससे लोगों को आवाजाही में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

टकसाल के शिवलोती मंदिर के पास उद्योगों में घुसा नाले का पानी

भारी बारिश के कारण टकसाल के शिवलोती मंदिर के पास नाले का पानी भी उफान पर आ गया। पानी आसपास के कुछ उद्योगों में घुसने की जानकारी सामने आई है। इससे औद्योगिक क्षेत्र में भी परेशानी बढ़ गई।

स्थानीय लोगों के लिए बारिश के साथ जलभराव की समस्या नई नहीं है, लेकिन थोड़े समय में हुई तेज बारिश ने एक बार फिर क्षेत्र की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सड़क पर पानी जमा होने से वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई और कई स्थानों पर लोगों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ा।

पीएम आवास योजना के मकानों के पास सुरक्षा डंगा क्षतिग्रस्त

बारिश का असर सेक्टर-5 में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने मकानों के आसपास भी देखने को मिला। यहां सुरक्षा डंगे को नुकसान पहुंचा है। लगातार बारिश के कारण डंगे की स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों में चिंता बनी हुई है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि बारिश का दौर इसी तरह जारी रहा तो सेक्टर-4 में पहले से क्षतिग्रस्त सुरक्षा डंगा और कमजोर हो सकता है। डंगा गिरने की स्थिति में आसपास बने कुछ मकानों के लिए खतरा पैदा हो सकता है। ऐसे में लोगों ने संवेदनशील स्थानों पर समय रहते आवश्यक सुरक्षा इंतजाम करने की मांग की है।

बारिश के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में जमीन खिसकने और सुरक्षा डंगे कमजोर होने का खतरा बढ़ जाता है। परवाणू में भी कई जगह सड़क किनारे की मिट्टी और पहाड़ी हिस्सों पर बारिश का असर दिखाई दिया।

टकसाल गांव का संपर्क मार्ग बंद

तेज बारिश के चलते टकसाल गांव की ओर जाने वाला संपर्क मार्ग भी बंद हो गया। सड़क पर मलबा और बारिश के कारण बने अवरोधों से लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई।

लोक निर्माण विभाग परवाणू के सहायक अभियंता शिव कुमार ने टकसाल मार्ग बंद होने की पुष्टि की है। विभाग की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है और मार्ग को बहाल करने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

टकसाल क्षेत्र में सड़क बंद होने से स्थानीय लोगों के साथ-साथ रोजाना आवाजाही करने वाले वाहन चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

सेब मंडी के पास पहाड़ी से गिरा मलबा, शिमला मार्ग पर वन-वे

बारिश के दौरान सेब मंडी के समीप पहाड़ी से अचानक मलबा सड़क पर आ गिरा। मलबा आने के कारण शिमला की ओर जाने वाले मार्ग पर यातायात बाधित हो गया। सड़क की स्थिति को देखते हुए पुलिस ने इस हिस्से में यातायात को वन-वे कर दिया।

डीएसपी परवाणू अनिल शर्मा ने बताया कि सेब मंडी के पास पहाड़ से मलबा गिरने के कारण शिमला की ओर जाने वाले मार्ग पर वन-वे व्यवस्था लागू की गई है। यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए चक्की मोड़ पर पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई है।

पुलिस की टीम लगातार मौके की स्थिति पर नजर रख रही है। वाहन चालकों को भी सावधानी से गुजरने की सलाह दी जा रही है, क्योंकि बारिश के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में दोबारा मलबा गिरने की आशंका बनी रहती है।

शिवालिक कैफे के पास ट्रक सड़क से नीचे गिरा

लगातार बारिश के बीच शिवालिक कैफे के पास भी हादसा हो गया। कुछ दिन पहले बारिश के कारण सड़क किनारे का हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ था। शनिवार को इसी स्थान के पास एक ट्रक सड़क से नीचे जा गिरा।

राहत की बात यह रही कि हादसे में ट्रक चालक के सुरक्षित होने की जानकारी है। हालांकि इस घटना ने सड़क किनारे क्षतिग्रस्त हिस्सों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। बारिश के बीच ऐसे स्थानों पर वाहन चालकों के लिए खतरा लगातार बना हुआ है।

कोटी के पास रेलवे ट्रैक पर भी आया मलबा

बारिश का असर कालका-शिमला रेलवे लाइन पर भी पड़ा। कोटी के पास पहाड़ी से मलबा गिरकर रेलवे ट्रैक पर आ गया। इससे रेल ट्रैक करीब 20 से 25 मिनट तक प्रभावित रहा।

बाद में मलबा हटाकर रेलवे ट्रैक को दोबारा खोल दिया गया। राहत की बात यह रही कि ट्रैक प्रभावित रहने के दौरान किसी ट्रेन के प्रभावित होने की सूचना नहीं मिली।

रेलवे लाइन पहाड़ी क्षेत्र से होकर गुजरती है और लगातार बारिश के दौरान कई स्थानों पर पहाड़ी से मलबा गिरने का खतरा बना रहता है। ऐसे में ट्रैक की निगरानी और समय पर मलबा हटाना जरूरी हो जाता है।

प्रशासन और पुलिस ने संवेदनशील क्षेत्रों में बढ़ाई निगरानी

परवाणू क्षेत्र में बारिश के बाद बने हालात को देखते हुए प्रशासन, लोक निर्माण विभाग और पुलिस की टीमें अलर्ट हैं। संवेदनशील इलाकों में स्थिति पर नजर रखी जा रही है। जहां सड़क पर मलबा आया है, वहां यातायात को नियंत्रित करने के साथ मार्गों को बहाल करने की कोशिश की जा रही है।

प्रशासन की ओर से लोगों से खराब मौसम के दौरान गैर जरूरी यात्रा से बचने की अपील की गई है। विशेष रूप से भूस्खलन, जलभराव और क्षतिग्रस्त सड़क वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा गया है।

बारिश रुकने के बाद भी पहाड़ी इलाकों में खतरा पूरी तरह खत्म नहीं होता। जमीन में नमी बढ़ने के कारण कमजोर हिस्सों से अचानक मलबा गिर सकता है। ऐसे में वाहन चालकों और स्थानीय लोगों को मौसम की स्थिति को देखते हुए ही यात्रा करने की सलाह दी जा रही है।

परवाणू में हुई करीब दो घंटे की तेज बारिश ने एक बार फिर साफ कर दिया कि पहाड़ी और ढलान वाले इलाकों में कम समय की भारी बारिश भी बड़े स्तर पर परेशानी खड़ी कर सकती है। जलभराव, सड़क पर मलबा, बंद संपर्क मार्ग, क्षतिग्रस्त सुरक्षा डंगे और रेलवे ट्रैक पर मलबा गिरने की घटनाओं ने प्रशासन के सामने भी कई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि बारिश का दौर आगे कितना जारी रहता है और संवेदनशील स्थानों पर प्रशासन कितनी तेजी से स्थायी सुरक्षा उपाय करता है।